जीएसटी यहाँ है | हालांकि पूरा देश स्वतंत्रता के बाद से सबसे बड़ी आर्थिक और कर सुधार नीति का स्वागत करने के लिए तैयार है, यहाँ आपके लिए एक चेकलिस्ट दी गयी है – ताकि आप आसानी से जीएसटी को अपना सकें।

जीएसटी के लिए निर्बाध और प्रभावी संक्रमण करने के लिए आपको ये 5 मुख्य चीज़ें देखने की आवश्यकता है

1. पंजीकरण का संक्रमण

वर्तमान साशन में कोई भी व्यापारी राज्य वैट, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर आदि के तहत पंजीकृत है , और एक वैध पैन रखता है – उसे जीएसटी आरईजी -25 फॉर्म के द्वारा जीएसटी में पंजीकरण का अस्थायी प्रमाण पत्र दिया जाएगा | अनंतिम पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने के बाद, डीलर के पास 90 दिन का समय होगा जिसमें उसे जीएसटी आरईजी -2४ फॉर्म के द्वारा अंतिम दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी ताकि वह अस्थायी पंजीकरण को अंतिम पंजीकरण में परिवर्तित कर सके | यदि प्रदान की गई जानकारी पूर्ण और संतोषजनक है, तो अंतिम पंजीकरण प्रमाणपत्र फॉर्म जीएसटी आरईजी -6 में जारी किया जाएगा | संक्रमण के दौरान, अगर एक कर योग्य व्यक्ति को जीएसटी के तहत पंजीकृत करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन वह पहले पंजीकृत (केंद्रीय और राज्य कानून) था, तो उसे जीएसटी लागू होने के 30 दिनों के भीतर (यानी 31 जुलाई, 2017) तक उसके पास अनंतिम पंजीकरण रद्द करने का एक विकल्प है जिसमे उसे जीएसटी आरईजी -28 फॉर्म जमा करना होगा

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2. वर्तमान शासन में दायर अंतिम रिटर्न के आईटीसी

 एक पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, 30 जून, 2017 को खत्म होने वाले माह / तिमाही के लिए, उनके द्वारा पहले के कानून के तहत जमा सेनवैट,वैट और रिटर्न में फॉरवर्ड किआ गया प्रवेश कर लेने का पात्र है | हालांकि, एक डीलर द्वारा आईटीसी के लिए दावा तभी किया जा सकता है, यदि उसने जीएसटी लागू होने की तारीख अर्थात 1 जुलाई, 2017 से 6 महीने पहले की अवधि के लिए वर्तमान कानून के तहत आवश्यक सभी रिटर्न प्रस्तुत किए हैं ।

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3. कैपिटल गुड्स पर खर्च किए गए वैट / एक्साइज पर आईटीसी

 फिलहाल, पूंजीगत वस्तुओं की खरीद के खिलाफ आईटीसी तुरंत उपलब्ध नहीं है, यह केवल कुछ विशिष्ट पूंजीगत सामानों के लिए उपलब्ध है | 2004 के सेनवैट क्रेडिट नियमों के मुताबिक, पहले वर्ष के दौरान केवल 50% क्रेडिट का लाभ उठाया जा सकता है और शेष 50% क्रेडिट किसी भी बाद के वित्तीय वर्षों में उपयोग किया जा सकता है | इसी तरह, अधिकांश राज्यों में, कई महीनों में फैली किश्तों के रूप में पूंजीगत सामानों के लिए आईटीसी उपलब्ध कराया जाता है; कुछ राज्यों में,आईटीसी केवल तभी उपलब्ध होता है जब पूंजीगत सामान को व्यापारिक उपयोग में लाया जाता है | जीएसटी शासन में लाया गया प्रमुख परिवर्तनों में से एक है , आईटीसी के रूप में पूंजीगत सामानों पर वैट / एक्साइज क्रेडिट के पूर्ण संतुलन का दावा करने के लिए एक व्यापारी की क्षमता |

4. स्टॉक में पड़े माल पर क्रेडिट किआ गया उत्पाद शुल्क

संभवतः सभी संक्रमण नियमों की सबसे अधिक चिंता का विषय, स्टॉक में पड़े माल पर लगाया गया उत्पाद शुल्क है | यहां मुख्य रूप से 3 मामले होंगे:

  • मामला 1: एक्साइज इनवॉइस उपलब्ध – वे डीलर जिन्होनें विनिर्माताओं, प्रथम चरण और द्वितीय चरण के डीलरों से खरीद की है उनके पास एक्साइज ड्यूटी के साथ इनवॉइस का उल्लेख होगा और वे भुगतान किए गए उत्पाद शुल्क का 100% ऋण लेने में सक्षम होंगे।
  • मामला 2 : क्रेडिट ट्रांसफर दस्तावेज़ उपलब्ध – वे विक्रेता जो खुदरा विक्रेता हैं और उपरोक्त के अलावा अन्य पार्टियों से खरीदते हैं, उनके पास उत्पाद शुल्क की राशि का उल्लेख करने के लिए कोई चालान नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने उसे लागत के रूप में वहन किया है | हालांकि, अगर उसे निर्माता द्वारा क्रडिट ट्रांसफर दस्तावेज जारी किया गया है, तो यह उत्पाद शुल्क के भुगतान के साक्ष्य के रूप में काम करेगा | इस तरह का दस्तावेज निर्माता के ब्रांड नाम के साथ 25,000 प्रति आइटम से अधिक मूल्य के माल के लिए एक निर्माता द्वारा जारी किया जा सकता है, अगर निरीक्षण वस्तु सूची और आपूर्ति श्रृंखला के रिकॉर्ड बनाए रखे गए हों |
  • मामला 3: न तो उत्पाद शुल्क या सीटीडी उपलब्ध – ऐसे परिदृश्य में, डीलर जीएसटी के तहत बाहरी आपूर्ति पर भुगतान किए गए सीजीएसटी का 60% इनपुट टैक्स क्रेडिट ले सकता है जहां सीजीएसटी की दर 9% या उससे अधिक है (अर्थात जीएसटी दर 18% या अधिक है) और , छह महीने की अवधि के लिए अन्य मामलों में बाहरी आपूर्ति पर सीजीएसटी का 40%, जिस स्टॉक को बिना शर्त पूर्व में छूट दी गई थी | अंतरराज्यीय आपूर्ति के मामले में, आईजीएसटी भुगतान पर अनुमत क्रेडिट 30% और 20% होगा।

इन परिदृश्यों के बावजूद,सभी पंजीकृत व्यक्ति जो उत्पाद शुल्क का श्रेय लेने के हकदार हैं, उन्हें 90 दिनों की अवधि के भीतर सामान्य पोर्टल पर, फॉर्म जीएसटी टीआरएन -1 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से एक घोषणा प्रस्तुत करनी चाहिए ।

5.पारगमन में माल पर क्रेडिट

एक पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति जीएसटी के बाद प्राप्त वस्तुओं / सेवाओं पर भुगतान किया गया केंद्रीय / राज्य कर (मौजूदा शासन में लागू) दोनों के इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकता है। शर्त यह है कि जीएसटी कार्यान्वयन की तारीख से 30 दिनों के भीतर चालान को खातों की पुस्तकों में दर्ज किया जाना चाहिए | हालांकि, पर्याप्त कारणों के आधार पर, 30 दिनों की मूल अवधि और 30 दिनों तक बढ़ाई जा सकती है | पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति लिए गए क्रेडिट के संबंध में एक बयान या प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करेगा।

और अधिक जानकारी के लिए इस स्थान को देखते रहें – क्यों कि हम उच्चतम कोटि पर जीएसटी युग का स्वागत करते हैं!

यह लेख तेजस गोनेका, जो टैली सोलूशन्स के कार्यकारी निदेशक हैं, द्वारा लिखा गया है और यह मूल रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित  किआ गया था |

योगदानकर्ता : पूगल टी और प्रमित प्रतिम घोष

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