जीएसटी कानून के संशोधित ड्राफ्ट मॉडल की मुख्य विशेषताएं

Last updated on April 28th, 2017 at 12:19 pm

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जीएसटी कानून का संशोधित मसौदा मॉडल 26 नवंबर 2016 को उपलब्ध कराया गया था, जीएसटी कानून के संशोधित मसौदे मॉडल पर किन चीज़ो पे प्रमुख प्रकाश डाला गया इसे हम निम्न वर्गों में वर्गीकृत कर रहे हैं:

  • क्या परिवर्तन किया गया हैं?
  • क्या नए अतिरिक्त चीज़े डाली गयी हैं?
  • किन चीज़ो का बहिष्करण किया हैं?

क्या परिवर्तन किया गया  हैं?

विषय प्रकरण १४ जून २०१६ को प्रकाशित किया गये क़ानून का ढांचा संशोधित किए गये क़ानून का ढांचा – २६ नवंबर, २०१६
पंजीकरण नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए 5 लाख रुपए

शेष भारत के लिए 10 लाख रुपए

विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 10 लाख रुपए*

विशेष श्रेणी के राज्यों के अलावा अन्य राज्यों के लिए 20 लाख रुपए

* अरुणाचल प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

कुल कारोबार कुल मूल्य सभी कर योग्य आपूर्ति, गैर कर योग्य आपूर्ति,  आपूर्ति मुक्त और निर्यात की आपूर्ति इसमे शामिल है सभी कर योग्य आपूर्ति, आपूर्ति मुक्त और निर्यात की आपूर्ति भी शामिल है
आपूर्ति सेवाओं की आयात सेवाओ की आयात, जिसपर विचार किया गया हो अथवा ना किया गया हो, कार्यप्रणाली अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के हेतु में उल्लेख हो या ना हो| सेवाओ की आयात, जिसपर विचार किया गया हो, कार्यप्रणाली अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के हेतु में उल्लेख हो या ना हो|
रचना उदग्रहण कर की दर वित्तीय वर्ष के दौरान एक राज्य में 1% से कम का कारोबार होना| राज्य में एक वित्तीय वर्ष के दौरान कारोबार में निर्माता* के लिए कम से कम 2.5 % और अन्य व्यक्तियों के लिए कम से कम 1%

* परिषद की सिफारिश पर माल के निर्माता को अधिसूचित किया जा सकता हैं|

रचना उदग्रहण प्रतिबंध पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति द्वारा जो अंतर-राज्य में माल और / या सेवाओं की आपूर्ति करता हैं उसे रचना उदग्रहण को चुनने की अनुमति नही दे सकते हैं| अंतरराज्यीय जावक की आपूर्ति की मौजूदा हालत के साथ-साथ, निम्नलिखित नए अतिरिक्त व्याख्याये जारी की गयी हैं:

1)     सेवाओं की आपूर्ति
2)     माल की आपूर्ति में लगे जो जीएसटी के तहत कर मुक्त हैं
3)     एक इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से माल की किसी भी प्रकार की आपूर्ति
4)     परिषद की सिफारिश पर माल के निर्माता को अधिसूचित किया जा सकता हैं|

माल की आपूर्ति का समय आगे का मूल्य निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       माल को हटाने की तिथि
2.       चालान की तिथि
3.       भुगतान प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में प्रवेश (माल की प्राप्ति) की तिथि

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       चालान की तिथि
2.      भुगतान प्राप्ति की तारीख

माल की आपूर्ति का समय पीछे का मूल्य निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       वस्तुओं की प्राप्ति की तारीख
2.       जिस दिनांक पर भुगतान किया जाता है
3.       चालान की प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में डेबिट का दिनांक

 

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       माल की प्राप्ति की तारीख
2.       भुगतान की तिथि
3.       चालान की तारीख से 30 दिन

उपरोक्त घटनाओं निर्धारित करने में असमर्थ हैं, तो प्राप्तकर्ता के खाते की पुस्तकों में प्रवेश की तिथि, आपूर्ति का समय होगा

सेवाओं की आपूर्ति का समय आगे का मूल्य मामले में चालान निर्धारित अवधि के भीतर जारी किया गया हैं:  निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं::

1.       चालान की तिथि
2.       भुगतान की रसीद

मामले में चालान निर्धारित अवधि के भीतर जारी नहीं किया गया है: निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       सेवा के पूरा होने की तिथि
2.       भुगतान की रसीद

 

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       चालान की तिथि
2.       भुगतान की प्राप्ति की तारीख

 

सेवाओं की आपूर्ति का समय पीछे का मूल्य निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       सेवाओं की प्राप्ति की तारीख
2.       जिस दिनांक पर भुगतान किया जाता है
3.       चालान की प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में डेबिट का दिनांक

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       भुगतान की तिथि
2.       चालान की तारीख से 60 दिन

उपरोक्त घटनाओं निर्धारित करने में असमर्थ होते हैं, तो प्राप्तकर्ता के खाते की पुस्तकों में प्रवेश की तिथि से आपूर्ति का समय होगा|

आपूर्ति का मूल्य सब्सिडीझ आपूर्ति से जुड़े मूल्य की किसी भी रूप या ढंग से प्रदान की सब्सिडी शामिल होगी केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रदान की सब्सिडी को छोड़कर ऐसी सब्सिडी जो सीधे कीमत से जुड़ी हुई हैं|
ठेके का काम इनपुट टॅक्स क्रेडिट प्रधान निर्माता 180 दिनों के भीतर काम के लिए भेजा आदानों को प्राप्त करने की आवश्यकता हैं 1 वर्ष के भीतर काम के लिए भेजे आदानों को प्राप्त करने की प्रधान को जरूरत हैं
ठेके का काम इनपुट टॅक्स क्रेडिट पूंजीगत सामान वापस प्राप्त करने की अवधि 2 वर्ष है पूंजीगत सामान वापस प्राप्त करने की अवधि 3 वर्ष है
धन की वापसी देरी से वापसी पर ब्याज यदि 3 महीने के भीतर वापसी नहीं हुई तो ब्याज का भुगतान किया जाएगा यदि 60 दिनके भीतर वापसी नहीं हुई तो ब्याज का भुगतान किया जाएगा
स्थलांतरण के प्रावधान पंजीकृत व्यापार (निर्माता, व्यापारी और सेवा प्रदाता) इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को  जीएसटी से आगे ले जाने के लिए बनाई गयी शर्तें :

1.       आईटीसी का समापन बॅलेन्स, पिछले रिटर्न में दाखिल करके प्रतिबिंबित करना चाहिए
2.       क्रेडिट को मौजूदा कानून के तहत अनुमति दी जानी चाहिए और
3.       जीएसटी के तहत  इसेइनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में अनुमति दी है

इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को  जीएसटी से आगे ले जाने के लिए बनाई गयी शर्तें :

1.       आईटीसी का समापन बॅलेन्स, पिछले रिटर्न में दाखिल करके प्रतिबिंबित करना चाहिए
2.       जीएसटी के तहत  इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में अनुमति दी है

 

 

 

अनुसूचियाँ अनुसूची 1 इस अनुसूची में लेनदेन या गतिविधियों की जो भी सूची प्रदान की गयी हैं, उन्हे बिना आपूर्ति के व्यवहार में गिना जाएगा:

1.       स्थायी स्थानांतरण / व्यापार संपत्ति के निपटान।
2.       एक निजी या गैर-व्यावसायिक उपयोग करने के लिए व्यापार संपत्ति का अस्थाई आवेदन।
3.       एसी सेवाये जो एक निजी या गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल की गई हैं|
4.       रेजिस्ट्रेशन समाप्त करने के बाद बरकरार रखी गयी संपत्ति|
5.       कार्यप्रणाली के दौरान अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कर योग्य व्यक्ति द्वारा कर के लिए योग्य/ अयोग्य व्यक्ति को  माल और / या सेवाओं की आपूर्ति|

संशोधित मसौदा कानून के अनुसार, लेनदेन या गतिविधियों में क्र. 2,3,4 और 5 के तहत उल्लेख किए हुए विशेषताएं को बाहर रखा गया है और संशोधित अनुसूची १ में नीचे दिए गये विशेषताएं शामिल हैं:

1.       स्थायी स्थानांतरण / व्यापार संपत्ति का निपटान जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट का एसी संपत्ति पर लाभ उठाया गया है
2.       धारा 10 में निर्दिष्ट  व्याख्या के तहत संबंधित या अलग व्यक्तियों के बीच माल या सेवाओं की आपूर्ति होना, जो काम के दौरान या व्यापार को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किया गया हैं|
3.       प्रधान द्वारा उसके एजेंट को सामान की आपूर्ति, जहाँ एजेंट, प्रधान की ओर से इस समान की आपूर्ति करता हैं या इसका उल्टा जहाँ प्रधान एजेंट की ओर से यह करता हैं|
4.       कंपनी के कार्यक्रम के दौरान अथवा भविष्य में व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कर के लिए योग्य व्यक्ति को किसी संबंधित व्यक्ति से या भारत के बाहर अपने अन्य प्रतिष्ठानों से सेवाओ की आयात करना|

 

क्या नए अतिरिक्त चीज़े डाली गयी हैं?

प्रकरण नयी चीज़े विवरण
व्याख्या पूंजीगत वस्तुएं कैपिटल गुड्स का मतलब ऐसा माल, जिसका मूल्य, क्रेडिट का दावा करने वाले व्यक्ति के खातों की पुस्तकों में पूंजीकृत हैं और जिसका उपयोग काम के दौरान या व्यापार को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता हैं या ऐसा करने का इरादा रखा जाता हैं|
आपूर्ति मिश्रित आपूर्ति वस्तुओं या सेवाओं या दोनो के एक संयोजन में दो या दो से अधिक व्यक्ति की आपूर्ति  जब एक ही कीमत पर एक कर योग्य व्यक्ति द्वारा होती हैं|
आपूर्ति समग्र आपूर्ति एक कर योग्य व्यक्ति द्वारा एक प्राप्तकर्ता को वस्तुओं या सेवाओं या किसी भी संयोजन की की गयी आपूर्ति, जो स्वाभाविक रूप से बंडल में हैं और जिसकी आपूर्ति व्यापार के सामान्य कार्यप्रणाली के दौरान हुई हैं|
आपूर्ति का समय वाउचर की आपूर्ति आपूर्ति के समय पर निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       वाउचर जारी करने की तारीख, अगर सप्लायर को पहचाने जाने के लिए योग्य है
2.      वाउचर के मोचन की तिथि, अन्य सभी मामलों में

आपूर्ति का मूल्य ब्याज, देर से दी गयी शुल्क या जुर्माना आपूर्ति  के दौरान, ब्याज या विलंब शुल्क या देरी के लिए लगाया गया जुर्माना  कर पात्र होगा।
आपूर्ति का मूल्य आपूर्ति के बाद दी गयी छूट आपूर्ति के पश्चात लेनदेन मूल्य से दी गयी छूट की कटौती आगे दी गयी शर्तों के पालन करने पर की जाएगी:

1.       छूट ऐसी चीज़ होती हैं जो एक समझौता के द्वारा आपूर्ति के समय पर (या उससे पहले) से तथा किसी भी  प्रासंगिक चलन जुड़ी होती हैं, और
2.       इनपुट टॅक्स क्रेडिट के आपूर्ति को प्राप्तकर्ता द्वारा उलटा भेजा जाता हैं जो प्रदायक द्वारा जारी किए गये दस्तावेज के आधार छूट के लिए फलस्वरूप माना जाता हैं|

बीजक रिवर्स चार्ज क्रियाविधि एक पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति, जो रिवर्स चार्ज पर कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, को अपंजीकृत व्यक्ति से सामान या सेवाओं के किसी भी आवक की आपूर्ति करने पर एक कर चालान जारी करना चाहिए|
पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी पाइप लाइन और दूरसंचार टावरों के लिए पहले साल में आईटीसी की अधिकतम एक तिहाई, पहले साल के दावे को शामिल करके दूसरे वित्तीय वर्ष में आइटीसी की अधिकतम दो तिहाई, और शेष किसी भी अनुवर्ती वित्त वर्ष में की जाएगी|
आईटीसी सेवा की आपूर्ति पर आईटीसी की उलटफेर प्राप्तकर्ता, सेवा के आपूर्तिकर्ता को राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो आपूर्ति के समय सेवाये प्रदान करने की राशि, उसके साथ चालान जारी करने के बाद तीन महीने के भीतर जिस टॅक्स का भुगतान ज़रूरी हैं वह टॅक्स, और इसीके साथ प्राप्तकर्ता को मिली हुई इनपुट टॅक्स क्रेडिट की जितनी राशि हैं उसके बराबरी की राशि, इन तीनो मिलाकर जो राशि होती हैं वो प्राप्तकर्ता को ब्याज के साथ उत्पादन कर देयता में देनी पड़ेगी|
मुनाफाखोरी के खिलाफ बनाये खंड मुनाफाखोरी के  विरुद्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ वास्तव में किसीने उठाया हैं इसकी जांच करने के लिए है  किसी भी पंजीकृत कर योग्य (टॅक्स देने के लिए योग्य) व्यक्ति का लेनदेन देखना चाहिए तथा वस्तुओं या सेवाओं की कीमत में कमी के माध्यम से टॅक्स(कर) की दर में कोई कमी लाकर किसी ग्राहक को लाभ उठाने के लिए पारित कर दिया गया है, इसकी जाँच कर सकते हैं|
स्थलांतरण के प्रावधान उत्पाद शुल्क पहले चरण का डीलर / दूसरे चरण का डीलर / आयातक को बंद होने वाले स्टॉक पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने की अनुमति दी है।
स्थलांतरण के प्रावधान एंट्री टैक्स भुगतान किया हुआ एंट्री टैक्स का बंद होनेवाले शेयर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप दावा करने की अनुमति दी है।
स्थलांतरण के प्रावधान सर्विस टॅक्स सेवा प्रदाता जो छूट दी गई सेवाओं को प्रदान करने का काम कर रहा हैं, जो जीएसटी में कर योग्य है, वह आदानों (इनपुट्स) पे इनपुट टैक्स क्रेडिट पा सकता हैं|
अनुसूचियाँ अनुसूची 3 इस अनुसूची में  गतिविधियों या लेनदेन की सूची दी गयी हैं जो माल की आपूर्ति या सेवाओं की आपूर्ति के रूप में माना नही जाएगा|

स्थलांतरण के प्रावधानों पर अधिक पढ़ें

किन चीज़ो का बहिष्करण किया हैं?*

प्रकरण बहिष्करण विवरण
माल की व्याख्या प्रतिभूतियां परिभाषा के अनुसार, प्रतिभूतियाँ माल से बाहर रखा गया है।
आपूर्ति का मूल्य रॉयल्टी, लाइसेंस शुल्क और नि:शुल्क वस्तु और सेवा इन आपूर्ति के मूल्य को अनुभाग से बाहर रखा गया है।
आपूर्ति का मूल्य मूल्यांकन के नियम मूल्यांकन के नियम (तुलना, गणना और अवशिष्ट विधि) संशोधित मसौदा कानून से बाहर रखा गया है।

 

*ये 14 जून, 2016 को प्रकाशित कानून मसौदे में है, मगर इसे संशोधित मसौदा कानून से बाहर रखा गया है। क्यूंकी क़ानून अभी भी संशोधित स्थिति में है इसलिए यह अंतिम क़ानून में फिरसे शामिल किया जा सकता हैं|

Are you GST ready yet?

Get ready for GST with Tally.ERP 9 Release 6

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Pugal T & Yarab A

54 Comments

  • Very good comparison between Original Draft GST Bill and Revised Draft GST Bill.

    However, in the above explanation, while comparing the original Draft GST Bill and Revised Draft GST Bill, Time of Supply of Services under Revised GST Bill it is stated:
    Time of Supply of Service shall be Earliest of Following :
    1. Date of invoice
    2. Date of receipt of payment

    In this regard, please see the sub-section (2) of Section 13 of Revised Draft GST Bill which deals with the Time of Supply of Service in forward charge:

    “The time of supply of services shall be the earlier of the following dates, namely:-
    (a) the date of issue of invoice by the supplier or the last date on which he is required, under section 28, to issue the invoice with respect to the supply; or
    (b) the date on which the supplier receives the payment with respect to the supply.”

    Then, Section 28 provides that:
    “A registered taxable person supplying taxable services shall, before or after the provision of service but within a period prescribed in this behalf, issue a tax invoice, showing the description, value, the tax payable thereon and such other particulars as may be prescribed.”

    Further, Draft Invoice Rules provide that the supplier shall issue the Invoice within a period of 30 days from the provision of service [45 days in case of banks].

    From the above, it is clear that in a case wherein the invoice is not issued within the prescribed period, the time of supply of service shall be earlier of the date on which the supplier is required to issue the invoice or date of receipt of payment.

    Example:
    XYZ Architects supply the design for the interiors of a hotel to ABC Ltd. on 20.07.2017 and issue the invoice on 25.08.2017. They receive the payment on 05.09.2017.

    In this case, since, the invoice has not been issued within 30 days from the provision of service, hence, the Time of Supply of Service shall be earlier of the date on which XYZ Architects are required to issue the Invoice or date of receipt of payment.

    Now, Date on which Invoice is required to be issued: 19.08.2017 [30 days from the date of provision of service]
    Date on which payment is received: 05.09.2017.

    Therefore, Date of Supply of Service shall be 19.08.2017.

    From this example, I understand, the above explanation needs to be re-looked.

  • REGARDING TRANSITION PROVISION OF EXCISE DUTY FOR DEALERS – WHAT IS THE DOCUMENTARY EVIDENCE REQUIRED IN ORDER TO CARRY FORWARD THE ED ON CLOSING STOCK TO GST? FYI, WE DO NOT FILE RG-23D BUT WE HAVE MANUAL RECORDS OF STOCK AND ED THEREOF. WE ALSO HAVE PURCHASE BILLS TO SUPPORT OUR CLOSING STOCK.

  • What is the procedure for Job Work. We receive raw material from Principal supplier. After job work, we return back the goods to them. Is GST applicable for the job work bill raised by us? Will this turnover be taxable or non-taxable turnover?

    • Forward charge is where the supplier of goods &/or services is liable to pay the tax whereas reverse charge is where the recipient of goods &/or services is liable to pay the tax.

  • THIS IS A GOOD SOFTAWARE IN INDUSTRY PLS TELL ME DISCRIPTION OF WHAT IS THE PROCEDURE OF G.S.T RETURN FILE IN TALLY .

  • Good work by tally to share knowledge about GST. It will help all businessman and clear all subjects about it.

  • Is GST is applicable on Intrastate and interstate branch transfer transation? if Yes what is % for the same

    • Yes, GST will be applicable on branch transfers, whether intrastate or inter-state, as it will be treated as a supply. The receiving branch can take credit of the GST paid. The schedule of goods and services falling under each rate slab has not been announced yet.

      • IF ONE HAVE ONLY SINGLE REGISTRATION IN SAME STATE THEN SUPPLY WILL BE ZERO RATED WITHING STATE I.E. INTRASTATE

  • REGARDING GST VERY USEFUL TO ACCOUNTANT, CA ,BUSINESSMAN AND ALL TALLY USERS.SHARE KNOWLEDGE FOR BUSINESS GROWTH

  • This must be published in hindi also because everybody don’t know English hindi our language and in hindi we can understand everything easily

    • Most of our blog posts are available in Hindi now. Please click on the language (English, Hindi) tab under each blog post to choose your preferred language.

    • Most of our blog posts are available in Hindi now. Please click on the language (English, Hindi) tab under each blog post to choose your preferred language.

  • how to put e-adhar signature in vat to gst migration portal I have verified adhar signatur in adhar pdf but unable to submit the saved form

  • what is the treatment of closing stock under VAT into GST opening .and also what is CGST, IGST and SGST to what type of traders they applicable. treatment osales and purchase inthis pl explain with wxample.I am tally ERP 9 user. I am working on some tally single user erp 9 versions with different types of traders. please explain

  • we are unable to understand Mixed Supply and Composite Supply, could you please explain difference between Mixed Supply and composite supply with example?

  • Manufacturing units having multiple branches. Currently doing stock transfers has to collect gst upon final sales or also upon clearance of goods from manufacturer to branch ??

    Question2: how to treat excise cenvat input for unregistered dealers ? Even a trader is registered under vat but not under excise what input credit he’s eligible for ??

  • IS A TRADERS HAVING TURNOVER ABOVE 20 LAKHS (TRADING IN TAX FREE COMMODITIES SUCH AS FOODGRAINS,SUGAR,ETC.) IS LIABLE FOR REGISTRATION UNDER GST

    • If outward supplies are completely exempt under GST, then registration is not required.

    • Pl note that concept of F Form is no more under GST. To understand GST we leave other concepts aside and only concentrate to GST provisions. If export is specifically exempted under proposed Sec 10, than only certain procedure has to be followed. In general pay GST take credit and get refund is the normal procedure. In substance GST is not required on export, if exempted.

  • I must know about gst,because I am graduate and doing salestax practice since 36 years back in karimnagar.Telengana State.

  • REGARDING TRANSITION PROVISION OF EXCISE DUTY FOR DEALERS – WHAT IS THE DOCUMENTARY EVIDENCE REQUIRED IN ORDER TO CARRY FORWARD THE ED ON CLOSING STOCK TO GST? FYI, WE DO NOT FILE RG-23D BUT WE HAVE MANUAL RECORDS OF STOCK AND ED THEREOF. WE ALSO HAVE PURCHASE BILLS TO SUPPORT OUR CLOSING STOCK.

    THX,

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