Language

  • English
  • Hindi
  • Marathi
  • Kannada
  • Telugu
  • Tamil
  • Gujarati

अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की मौजूदा व्यवस्था में, एक निश्चित बिंदु पर इनपुट क्रेडिट की श्रृंखला टूट जाती है। माना कि अंतर्राज्यीय व्यापार पर लागू सेंट्रल सेल्स टैक्स (सी एस टी) क्रेडिट योग्य न होने के कारण इनपुट क्रेडिट श्रृंखला टूट जाती है। इसी प्रकार, किसी डीलर को बिक्री पर निर्माता द्वारा एक्साइज ड्‌यूटी वसूलने के कारण श्रृंखला टूट जाती है। इससे कर उत्पाद लागत का एक भाग बन जाता है।

वर्ष 2005 में, सोपानी प्रभाव समाप्त करने के समान उद्‌देश्य के साथ वैट लागू किया गया था। यदि इसे समाप्त करने के लिए वैट डिज़ाइन किया गया था, तो यह जी एस टी में किस तरह भिन्न है?

हां, वैट ने राज्य में अप्रत्यक्ष कर पर सोपानी कर प्रभाव को समाप्त कर दिया, जबकि अन्य अप्रत्यक्ष करों का सोपानी प्रभाव बना रहा। जी एस टी, कर क्रेडिट के निर्बाध प्रवाह की सुविधा देता है और निर्माताओं से खुदरा विक्रेताओं तक, और राज्यों की सीमाओं के पार आपूर्ति श्रृंखला में समस्त अप्रत्यक्ष करों का सोपानी प्रभाव समाप्त कर देता है।

आइए, कर पर कर खत्म करने का उदाहरण चित्रित करने के लिए, एक उत्पाद के रूप में कार का उदाहरण लेते हुए इसका परीक्षण करें, वर्तमान और जी एस टी नियम के तहत जिस पर कुल कर दर 22% मानी गई है।

क्या आपका ध्यान रु. 5,820 पर पड़ा? आइए इसका परीक्षण करें।

यदि आप सूक्ष्मता से देखें, तो उदाहरण में, डीलर द्वारा निर्माता को चुकता कर (सी जी एस टी + एस जी एस टी) लागत में नहीं जुड़े हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जी एस टी डीलर को सी जी एस टी + एस जी एस टी की कर देयता से छूट की सुविधा देता है। यह जी एस टी की एक बुनियादी विशेषता है, जो निर्माता से डीलर तक निर्बाध क्रेडिट की सुविधा देता है और सोपानी प्रभाव समाप्त करता है।

Are you GST ready yet?

Get ready for GST with Tally.ERP 9 Release 6

28,944 total views, 13 views today