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हर गुजरते दिन के साथ हम जी एस टी कराधान के निकट आते जा रहे हैं। जी एस टी विधेयक, राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है और जी एस टी परिषद, नियम तैयार करने की प्रक्रिया में है। नई कर प्रणाली की दिशा में व्यवसाय की तैयारियों की दिशा में, जी एस टी पंजीकरण कराना पहला कदम है।

जी एस टी में पंजीकरण हेतु बाध्यता

क्षेत्रपंजीकरण की बाध्यता
पूर्वोत्तर भारतरु. 10 लाख
शेष भारतरु. 20 लाख

 

महत्त्वपूर्ण टिप्पणीः यहां एक कारोबारी संस्था के पूरे भारत के कारोबार पर विचार किया गया है (गैर-करयोग्य, छूटप्राप्त और निर्यात आपूर्तियों के मूल्य सहित) और यह राज्य-वार नहीं है।यह सुनिश्चित करता है कि जिस दिन पहले से पंजीकृत डीलर रु 20 लाख की कारोबारी सीमा पार कर जाएगा, उसे जी एस टी प्रभारित करना शुरू करना होगा और इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए पात्र होगा। किसी वर्तमान कानून (वैट/एक्साइज/सर्विस टैक्स) के तहत पंजीकृत मौजूदा डीलरों को स्वतः ही जी एस टी के तहत भी पंजीकरण कराना होगा।

उदाहरण
आइए जी एस टी के तहत कारोबार के पंजीकरण की बाध्यता दर्शाने के लिए एक उदाहरण देखें।

सुपर कार्स लि., कर्नाटक में कार निर्माता इकाई है। उनके स्वामित्व में ‘सुपर कार्स सर्विस लि.’ सर्विस इकाई कर्नाटक और दिल्ली में स्थित है। अतिरिक्त ब्यौरे नीचे तालिका में दिए गए हैं:

बिजनेस इकाईस्थानपैन नम्बरकारोबार (रु)
सुपर कार्स लि.कर्नाटकAEHCS3476M125 लाख
सुपर कार्स सर्विसेज लि.कर्नाटकAEHCS3476M20 लाख
सुपर कार्स सर्विसेज लि.दिल्लीAEHCS3476M10 लाख

उदाहरण के अनुसार,

  • सभी तीनों यूनिट/इकाईयां एक ही पैन PAN AEHCS3476M के तहत पंजीकृत हैं।
  • सकल कारोबार ज्ञात करने के लिए, सभी तीनों इकाईयों (सुपर कार्स लि. और कर्नाटक व दिल्ली में स्थित सुपर कार्स सर्विसेज लि.) पर विचार किया जाएगा।
  • अतएव सकल कारोबार रु 155 लाख(सुपर कार्स लि. रु 125 लाख + कर्नाटक स्थित सुपर कार्स सर्विसेज लि. रु 20 लाख + दिल्ली की सुपर कार्स सर्विसेज लि. रु 10 लाख) होगा और जी एस टी के तहत पंजीकरण कराना होगा।

पंजीकरण किसके लिए अनिवार्य है?

निम्न प्रकार के आपूर्तिकर्ताओं (सप्लॉयरों) को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा उनका टर्नओवर चाहे जो भी होः

  • अंतर्राज्यीय आपूर्ति करने वाले करयोग्य व्यक्ति
  • आकस्मिक और अनिवासी करयोग्य व्यक्ति
  • रिवर्स चार्ज के अंतर्गत कर देयता वाले व्यवसायी
  • करयोग्य व्यक्ति की ओर से आपूर्ति करने वाले एजेंट
  • इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विक्रेता
  • अपने ब्रांड नाम के तहत सेवाएं देने वाले एग्रीगेटर
  • टीडीएस कर कटौती हेतु जिम्मेदार व्यक्ति

मौजूदा केंद्रीय व राज्य कर के तहत पंजीकृत डीलरों के लिए पंजीकरण फॉर्म

  • केंद्रीय या राज्य कर प्राधिकारियों के यहां पंजीकृत सभी डीलर स्वतः स्थानांतरित होंगे और उन्हें फॉर्म जी एस टी REG-21 में पंजीकरण का अंतरिम प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
  • 6 महीने के अंदर डीलरों से यह अपेक्षित होगा कि वे फॉर्म जी एस टी REG-20 जी एस टी पोर्टल पर निर्दिष्ट सूचनाओं और दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत करें।
  • दी गई सूचना पूर्ण और संतोषजनक होने की स्थिति में, फॉर्म जी एस टी REG-06 में अंतिम पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
  • यदि प्रस्तुत विवरण संतोषजनक नहीं हैं, तो फॉर्म जी एस टी REG-23 में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और अंतरिम पंजीकरण निरस्त करने से पहले एक सुनवाई की जाएगी। यदि कारण बताओ सुनवाई सफल नहीं होती है या यदि निर्दिष्ट अवधि के अंदर विवरण नहीं उपलब्ध कराए जाते हैं तो फॉर्म जी एस टी REG-21 में आवंटित अंतरिम पंजीकरण फॉर्म जी एस टी REG-22 में एक आदेश जारी करते हुए निरस्त कर दिया जाएगा।

जी एस टी - मौजूदा डीलरों का पंजीकरण

रूपांतरण के दौरान, यदि करयोग्य व्यक्ति से जी एस टी के तहत पंजीकरण अपेक्षित नहीं है किन्तु उसने पहले से पंजीकरण कराया था (केंद्र और राज्य के कानून) तो उसके सामने विकल्प होगा कि वह फॉर्म जी एस टी REG-24 प्रस्तुत करके जारी अंतरिम पंजीकरण निरस्त करा सकता है।

पंजीकरण फॉर्म और प्रक्रिया के बारे में अन्य आलेख जल्दी ही प्रकाशित होंगेः

  • नए पंजीकरण
  • पंजीकरण का संशोधन, निरस्तीकरण और निरसन

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