22 दिसंबर, 2018 को आयोजित 31 वें जीएसटी परिषद की बैठक में पंजीकृत व्यवसायों की अनुपालन जिम्मेदारी को आसान बनाने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए गए। कई सिफारिशों के बीच, एक क्षेत्र जिसका सबसे अधिक स्वागत किया गया था, वह वार्षिक रिटर्न जी.एस.टी.आर-9 में बदलाव था, जिसके लिए मूल नियत तारीख कुछ दिन बाद थी।

इसमें कोई शक नहीं! वार्षिक रिटर्न में बदलाव की बहुत आवश्यकता थी और इससे तेजी से निकट आने वाली समय सीमा से राहत मिली।

वार्षिक रिटर्न जी.एस.टी.आर -9 में परिवर्तन नियत तारीख के विस्तार से लेकर वार्षिक रिटर्न प्रारूप से संबंधित संशोधनों तक है। इस ब्लॉग में, हम वार्षिक रिटर्न जी.एस.टी.आर -9 में 5 प्रमुख बदलावों पर प्रकाश डालेंगे जिन्हें आप जानते होंगे।.

1. ‘वर्ष के दौरान दर्ज किए रिटर्न में घोषित’ को ‘वर्ष के दौरान बनाए गए’

वार्षिक रिटर्न जी.एस.टी.आर -9 की सभी प्रासंगिक तालिका शीर्षकों में, ‘वर्ष के दौरान दर्ज किए रिटर्न में घोषित’ को ‘वर्ष के दौरान बनाए गए’ में बदल दिया गया है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप वार्षिक रिटर्न की स्पष्ट गुंजाइश दी गई है। इस बदलाव के साथ, यह स्पष्ट है कि जीएसटीआर -9 को वर्ष के दौरान दायर जीएसटी रिटर्न में रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के बजाय अंतिम मूल्यों के साथ दर्ज किया जाना है।

2. वार्षिक रिटर्न में अतिरिक्त देयता को शामिल करने और भुगतान करने का प्रावधान/h3>

बिंदु क्रमांक 1 में चर्चा किए गए परिवर्तन के साथ, वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर -9 के दायरे को उन अतिरिक्त आपूर्तियों को शामिल करने के लिए व्यापक किया गया है, जिसका खुलासा वित्तीय वर्ष 2017-18 से संबंधित मासिक रिटर्न में नहीं किया गया था। नए परिवर्तन से उत्पन्न किसी भी दायित्व को वार्षिक रिटर्न में प्रकट करने की आवश्यकता है और अतिरिक्त देयता का भुगतान फॉर्म जी.एस.टी डी.आर.सी. -03 के माध्यम से नकद में किया जाना आवश्यक है।

3. आवक आपूर्ति के एचएसएन कोड की रिपोर्टिंग का दायरा कम हो गया है.

वार्षिक रिटर्न जी.एस.टी.आर-9 के पिछले डिजाइन में, पंजीकृत व्यवसायों को सभी आवक आपूर्ति का एच.एस.एन- वार सारांश घोषित करना आवश्यक था। हाल के बदलाव के साथ, आपको केवल उन आवक आपूर्ति के एचएसएन-वार सारांश की घोषणा करने की आवश्यकता है, जो आवक आपूर्ति के कुल मूल्य का 10% से अधिक का मूल्यांकन करता है।

4. वित्त वर्ष 2017-18 के सभी जीएटी रिटर्न्स को भरा जाना है

वार्षिक रिटर्न दाखिल करने से पहले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए फॉर्म जीएसटीआर -1 और फॉर्म जीएसटीआर -3बी दाखिल करना अनिवार्य है। जुलाई 2017 से मार्च 2018 के बीच की अवधि का विवरण वार्षिक रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर -9 में प्रदान किया जाना है।

इस परिवर्तन के साथ, संबंधित अवधि के लिए अन्य सभी रिटर्न दाखिल करने से पहले वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता है। यह प्रतिबंध यह सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है कि वार्षिक रिटर्न दाखिल करने से पहले आपका सभी रिटर्न डेटा जीएसटी पोर्टल में उपलब्ध हो।

5. वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान दावा न किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट को वार्षिक रिटर्न के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता है

यद्यपि वार्षिक रिटर्न आपको अतिरिक्त देयता को शामिल करने और भुगतान करने की अनुमति देता है, आप जीएसटीआर-9 में दावा न किए गए इनपुट कर की वसूली नहीं कर सकेंगे। कारोबारियों को इस प्रतिबंध के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए। दावा न किए गए आईटीसी को पुनः प्राप्त करने के लिए आपके पास पर्याप्त समय है। वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी किए गए चालानों के संबंध में आईटीसी को मार्च 2019 के महीने के लिए फॉर्म जीएसटीआर-3बी दाखिल करने की नियत तारीख तक लाभ उठाया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से संबंधित चालान पर दावा न किए आईटीसी वसूलने के लिए आपके पास 20 अप्रैल, 2019 तक का समय है।

सारांश

उपरोक्त सभी बदलावों के साथ वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर-9 के दाखिल करने की नियत तारीख के 30 जून, 2019 तक विस्तार करने का उद्देश्य करदाताओं को जीएसटी के लिए सक्षम बनाना है। जबकि नियत तारीख काफी दूरी पर है, यह महत्वपूर्ण है कि आप वार्षिक रिटर्न की तैयारी शुरू कर दें। वार्षिक रिटर्न जीएसटीआर-1 प्रारूप की समझ, स्तरीय विवरणों को सुसज्जित करना, आवश्यक समायोजन और दावा न किए गए आईटीसी की पहचान करना, कुछ प्रमुख बातें हैं जो आपको नियत तारीख के बिलकुल निकट आने पर करने के बजाय अभी से शुरू करनी चाहिए।

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