1 फरवरी की शुरुआत वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था में सीमाचिह्न रूप है। यह दिन न ही केवल इ-वे बिल का रोल आउट का गवाह था (और दुर्भाग्य से यही दिन उसके विलंब का भी) गवाह था, बल्कि GST युग में घोषित किया हुआ पहला बजट का भी गवाह था।


वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने एक सकारात्मक नोट से बजट 2018 शुरू किया, क्योंकि उन्होंने वादा किया कि भारत जल्द ही 5 वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 7.2-7.5% जीडीपी वृद्धि का अनुमान किया, और अगले 3 वर्षों में 7.5% की सतत वृद्धि दर का अनुमान लगाया। फिस्कल डेफिसिट की गिरावट होने का अनुमान है – वित्त वर्ष 2017-18 में 3.5% से वित्त वर्ष 2018-19 में 3.3% क निर्यात 15% तक बढ़ेगा और विनिर्माण क्षेत्र को ट्रैक पर लाया जाएगा, अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से सही रास्ते पर है, और यही बजट 2018 में बताया गया ।

बजट 2018 की हाईलाइट्स :

कृषि

  • 2020 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी
  • किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़कर 1.5 गुना हो जाएगा
  • किसानों के लिए प्रत्यक्ष बिक्री के लिए केंद्र खोले जाएंगे
  • कृषि ऋण 10% से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा
  • कृषि विकास कार्पस को नियत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये
  • ऑपरेशन ग्रीन के लिए 500 करोड़ रुपये नियत किए जाएंगे – कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए एक नया मिशन
  • कृषि निर्यात स्वाधीन होनी चाहिए
  • कृषि योजना में और खाद्य प्रसंस्करण में नियत रकम को दोगुना किया जाएगा
  • मत्स्य पालन के लिए 10,000 करोड़ रुपये नियत किए जाएंगे

ग्रामीण अर्थव्यवस्था

  • 8 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन प्राप्त करवाने के लिए
  • स्वच्छ भारत अभियान के हिस्से के रूप में शौचालय बनाने के लिए 2 करोड
  • 51 लाख नए घर निर्माण के लिए
  • 75 करोड़ घरो में बिजली पहोचाने के लिए
  • ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आवास के लिए 12.34 लाख करोड़ रुपये नियत किए जाएंगे
  • ग्रामीण स्व-सहायता समूहों को बढ़ाने के लिए लोन

शिक्षण

  • RISE- शिक्षा एक पहेल की शरुआत और 2022 तक उसे पूर्ण करने के लिए 1 लाख करोड़ रूपया
  • अनुसूचित जनजातियों की पर्याप्त आबादी वाले प्रत्येक ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय स्थापित किए जाएंगे
  • B. Tech.की अभ्यास करने वाले सभी विद्यार्थीओको 1000 रुपये की स्कोलरशिप, छात्रो को IITs और IISc में आगे बढने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जब की उस समय स्नातक छात्रो को सप्ताह में एक बार पढ़ाया जाएगा
  • वडोदरा में नई रेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी
  • 13 लाख अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा
  • डिजिटल शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पहल की जाएगी

स्वास्थ्य देखभाल

  • आइषमान भारत कार्यक्रम के लिए आवंटित किए जाने के लिए 1,200 करोड़ रुपये, जिसके तहत 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे
  • राष्ट्रीय बीमा योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये की कवरेज प्रदान की जाएगी। इससे 10 करोड़ परिवारों को लाभ होगा – लगभग 500 मिलियन लोग
  • प्रत्येक 3 निर्वाचन क्षेत्रों में 1 मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा
  • हर एक राज्य में एक सरकारी मेडिकल कोलेज होगा, इसके तहत 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे
  • टीबी पोषण संबंधी सहायता को आवंटित करने के लिए 600 करोड़ रुपये

भूमिकारूप व्यवस्था

  • स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 2.04 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे – इसके तहत 99 शहरों को स्मार्ट बनाया जाएगा
  • 9,000 किलो मीटर तक राष्ट्रिय राजमार्ग पूरा किया जाएगा
  • 36,000 किलोमीटर की रेलवे ट्रैक को नवीनीकृत किया जाएगा
  • 4,267 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त किया जाएगा
  • सभी रेलवे स्टेशनों में एस्केलेटर स्थापित किए जाएंगे
  • 600 रेलवे स्टेशनों के डिजिटलीकरण के लिए 1,48,528 करोड़ रुपये
  • 17,000 करोड़ रुपये का निवेश बेंगलुरु मेट्रो रेल को दिया जाएगा और मुंबई रेल को 11,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • एक वर्ष में 5 अरब यात्राएं हो सके इसके लिए हवाई अड्डों की क्षमता बढ़ाई जाएगी
  • 5 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट की स्थापना की जाएगी

प्रदूषण नियंत्रण

ये जानते हुए बहोत ही ख़ुशी हो रही है की बजट 2018 के हिस्से के रूप में प्रदुषण नियंत्रण की पहल की जाएगी

  • वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा और एनसीआर के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी
  • गंगा साफ-सफाई परियोजना के लिए 187 परियोजनाएं मंजूर

एमएसएमई एवं कल्याण वित्तपोषण

बजट 2018 में MSME और कल्याण वितपोष्ण के सबंध में भी हाईलाईट किया गया है ;

  • सभी राज्यों में पेश किए जाने वाले 372 बुनियादी व्यापार में सुधार
  • अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए 56,919 करोड़ रुपिए
  • अनुसूचित जन जाती के कल्याण के लिए 48,081 करोड़
  • छोटे व्यवसायों की त्वरित स्थापना के लिए ऑनलाइन लोन स्वीकृति की शरुआत
  • मुद्रा योजना के हिस्से के रूप में MSME क्षेत्र को पूंजीगत सहायता और ब्याज सब्सिडी के रूप में आवंटित करने के लिए 3,794 करोड़ रुपये
  • सभी 600 मिलियन बैंक खाते को कवर करने के लिए जन धन योजना
  • टेक्सटाइल के लिए 7,148 करोड़ रुपये
  • युवाओं के कौशल विकास के लिए कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे

प्रत्यक्ष कर

बजट 2018 में प्रत्यक्ष कर के सबंध में पहल की गई :

  • वित्त वर्ष 2014-15 में 6.4 लाख करोड़ रूपये का कुल कर संग्रह था वो बढ़कर वित्त वर्ष 2016-17 में 8.47 लाख करोड़ रूपए हुआ है
  • कर दाता आधार में वृद्धि हुई है – वित्त वर्ष 16-17 में 85.51 लाख नए करदाताओं ने आयकर रिटर्न दाखिल किया
  • 5 वर्ष के लिए 100 करोड़ रूपए तक के कारोबार वाली किसान उत्पादक कंपनियों को 100% कर कटौती प्रदान की जाएगी
  • 250 करोड़ तक का कारोबार करने वाली कंपनियों में 25% का कम करके कॉर्पोरेट कर बढ़ाया जाएगा
  • अगले तिन सालो के लिए EPF के हिस्से के रूप में सरकार के लिए नये कर्मचारी मजदूरी दर के 12 % योगदान दिया जाएगा
  • EPF में नई महिला कर्मचारी का योगदान 12% से घटाकर 8% किया जाएगा
  • व्यक्तिगत आयकर स्लैब में कोई बदलाव नही होगा
  • इस बजट में शुद्ध लाभ केवल INR 5,800 होगा, जो 2.5 करोड़ से अधिक कर दाताओं तक पहुंच जाएगा
  • स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर 3% से 4% तक बढ़ाना होगा
  • वरिष्ठ नागरिको को कर लाभ प्रदान किए जायेंगे
  • दीर्घकालिक निवेश पर 1 लाख रुपये से अधिक का लाभ लेने पर 10% पर पूंजीगत लाभ कर पुन: पेश किया जाएगा
  • मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए ई-मूल्यांकन प्लेटफार्मों को सभी टच-पॉइंट्स में लुढ़काया जाएगा

अप्रत्यक्ष कर

यह पहला बजट था जिसे जीएसटी युग में पेश किया जाना था, और संभवतः कोई भी अप्रत्यक्ष कर घटकों वाला पहला बजट नहीं था, क्योंकि अधिकांश पहलों को पहले से ही GST परिषद द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जा रहा था। फिर भी बजट 2018 में अप्रत्यक्ष कर से सबंधित बाते कुछ इस तरह की हे;

  • बजट समाचार के अनुसार, जीएसटी राजस्व में आई हुई कमी को उच्च प्रत्यक्ष कर और विनिवेश संग्रह द्वारा संतुलित किया जाना है। प्रक्षेपण के 21.47 लाख करोड़ रुपिए के विरुद्ध में राज्यों में 21.57 लाख करोड़ रुपिए का GST सौपा जाएगा
  • वित्त वर्ष 18-19 के लिए GST उपकर के 90,000 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है,जब की वित्त वर्ष 2008 के अनुमान के मुताबीक 61,000 करोड़ रुपये हैं। जीएसटी मुआवजा उपकर धन सार्वजनिक खातों के तहत रखा जाएगा
  • चालू वित् वर्ष की नौ महीने के 4.44 लाख करोड़ रुपिए के मुकाबले वित्त वर्ष 18-19में GST संग्रहण 7.43 लाख करोड़ रुपये होगा एसा अनुमानित किया जाता है
  • सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ एक्साइज और कस्टम को केन्द्रीय बोर्ड अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क के रूप में निमित किया जाएगा
  • बजट 2018 के मुख्य आकर्षण के अनुसार, उत्पाद शुल्क में कटौती के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रति लीटर 2 रुपये नीचे आ गई है।
  • आयात और सीमा शुल्क ड्यूटी – सामजिक कल्याण अधिभार का 10% अब आयातित चीजो पर लगाया जाएगा इसके अलावा, निम्नलिखित दर में परिवर्तन घोषित किए गए:
Increase in Rates ⇑Decrease in Rates ⇓
चीज़ पुराना दर नया दर चीज़ पुराना दर नया दर
LCD / LED / OLED पेनल , टीवी के अन्य भाग 7.5%15% काजू 5%2.5%
स्मार्ट घड़ी , पहेनने योग्य साधन, फुटवेयर 10%20% सौर कोशिकाओं के निर्माण के लिए सौर टेम्पर्ड ग्लास 5%
छूट प्राप्त
मोबाईल 15%20%
क्रुड ऑइल 20%35%
परिष्कृत वनस्पति तेल 15%20%
इमिटेशन ज्वेलरी 15%20%

यह निष्कर्ष निकलता है की, भारत का बजट 2018 कृषि समर्थक, स्वास्थ्य समर्थक और ग्रामीण समर्थक बजट था, जिसका उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। साथ ही 2018 के बजट के अनुसार, आधुनिक क्षेत्रों में रोबोटिक्स, एआई, ब्लॉक चेन और साइबर सुरक्षा में निवेश के मामले में भी सरकार आगे बढ़ रही है, जो कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।

Are you GST ready yet?

Get ready for GST with Tally.ERP 9 Release 6

62,838 total views, 10 views today

Pramit Pratim Ghosh

Author: Pramit Pratim Ghosh

Pramit, who has been with Tally since May 2012, is an integral part of the digital content team. As a member of Tally’s GST centre of excellence, he has written blogs on GST law, impact and opinions - for customer, tax practitioner and student audiences, as well as on generic themes such as - automation, accounting, inventory, business efficiency - for business owners.