जैसा की हम सब जानते है, GSTR 3B अगले महीने की 20वी तारीख तक दर्ज किया जाता है। नवंबर के महीने के लिए, GSTR 3B दर्ज करने की अवधि 20 दिसम्बर तक होती है, दिसम्बर महीने की GSTR 3B रिटर्न दर्ज करने की अवधि 20 जनवरी, 2018 होगी और इसी तरह आगे भी चलेगा। हमारे पिछले ब्लॉग में हमने GSTR 3B रिटर्न केसे दर्ज किया जाता है, अन्य GST रिटर्न के साथ उसका केसे मेल किया जाता है, कोई गलती हो तो उसे केसे सही किया जाता है और GSTR 3B दर्ज नही करवाने पर दंड के बारे में जानकारी प्राप्त की थी। यह याद किया जा सकता है की GST परिषद ने अगस्त और सितंबर के महीनों में GSTR 3B देर रिटर्न दर्ज कराने वालो का जुर्माना माफ़ करके करदाता की जिंदगी थोड़ी आसान करने का प्रयास किया है।

हालांकि, GST परिषद ने GSTR 3B के नियमों में कुछ और बदलाव किए हैं और GSTR 3B को दाखिल करवाना सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किये है। चलिए उन माध्यमो को देखते है :

अगस्त और सितंबर के लिए GSTR 3B रिटर्न में परिवर्तन को सक्षम बनाया

प्रमुख समस्याओ में से एक समस्या ये थी की अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों तक GSTR 3B रिटर्न के लिए व्यापारियों को सम्पादन सुविधा की उपलब्धता नही थी। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में 2,00,000 से ज्यादा व्यापारियों को GSTR 3B में सम्पादन की सुविधा नही मिली थी, और केवल एकमात्र जुलाई महिने मे ये सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। पुरे देश मे व्यापारियो द्वारा प्रेषित किए गए अनुरोधों का जवाब देते हुए GST कार्यान्वयन में मुद्दों के लिए विशेष रूप से गठित मंत्रियों के समूह ने सिफारिश की है और सलाह दी है कि 20वी नवेम्बर 2017 से GST पोर्टल पर GSTR 3B को सही करने का प्रवाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

अब तक के अधिकांश GoM के प्रयासों के फल हमे प्राप्त हुए है। GST पोर्टल में रहे अधिकांश तकनिकी अव्क्षेपो प्रति घंटा होने वाले 1,30,000 रिटर्न पर असर करते है। जिनके कारण रिटर्न की आवक में कमी पाई गई है जेसे के अगस्त में 12208 करोड़ रुपये से अक्टूबर में सिर्फ 7560 करोड़ रुपये पाए गए है। उम्मीद है की यह कदम भी GSTR 3B रिटर्न दर्ज करवाने का आसान तरीका देगा और राजस्व संग्रहण प्रयासों के लिए योगदान देगा।

GST पोर्टल पर त्वरित GSTR 3B दर्ज कीजिए

अब तक, GST पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करते समय, रिटर्न डैशबोर्ड में दर्ज किए जाने पर करदाताओं को भुगतान के साथ सभी टाइल्स दिखाए जाते थे। लेकिन दिसंबर के मध्य से, इस माह के GSTR 3B रिटर्न के शुरू होने के साथ से ही, GST पोर्टल में एक नई कार्यक्षमता स्थापित की गई है, जिसने करदाता के जीवन को आसन बना दिया है। इस नई कार्यक्षमता के तहत, कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे कि करदाता रिटर्न डैशबोर्ड में प्रवेश करता है और उन सवालों के जवाबों के आधार पर केवल प्रासंगिक टाइल को करदाताओं के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इसके आलावा उन करदाता जिसका GSTR 3B रिटर्न “शून्य” है, वे केवल एक क्लिक से अपनी रिटर्न दर्ज की विधि समाप्त कर सकते है क्योंकि उनके लिए कोई टाइल प्रदर्शित नहीं की जाएगी।

हालांकि, करदाता की सुविधा के लिए, सबसे महत्वपूर्ण उपाय, के लिए प्रत्येक पृष्ठ पर सहायता का विभाग सामने दिखाया जाएगा। इससे जो करदाता को वास्तविक समय के आधार पर और GST दर्ज कराने सबंधित जो कोई भी प्रश्न होंगे उसे सुलजाने में बेहद मदद मिलेगी।

GSTR 3B का संशोधन

हम सभी जानते हैं कि GSTR-3B दर्ज करवाने की एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यहाँ तक की अगर कोई करदाता पुरे महीने के दोरान कोई लेन देन नही करता है फिर भी उसे NIL रिटर्न भरना होगा। ऐसा करने में विफलता पाने वाले सामान्य करदाता को देरी के लिए प्रतिदिन 50 रुपिए और NIL रिटर्न वालो को देरी करने पर प्रतिदिन 20 रुपिए ब्याज के साथ दंड भरना होगा।

पहले चर्चा की गई थी उसके मुताबिक जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में रिटर्न देर से दर्ज कराने पर लगते दंड से मुक्ति दी गई है, जिसमे अगर कोई भी करदाता भुगतान करता है तो वो रकम इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में वापस जमा की जाती है, ताकि भविष्य में GST भुगतान करने के लिए इसका उपयोग किया जा सके। लेकिन अक्टूबर के बाद से रिटर्न देरी से भरने वाले के लिए दंड सुनिश्चित किया गया है, और इसके अनुसार GST परिषद ने GSTR 3B ऑनलाइन फ़ाइल करने के लिए उस फॉर्म को संशोधित किया है।

इस फॉर्म में अब एक अतिरिक्त तालिका है, “ब्याज और देर से शुल्क” के नाम से उसे सम्बोधित किया गया है।
Form gstr-3b

निष्कर्ष में, इन सभी उपायों करदाताओं को अपने GSTR 3B रिटर्न आसानी से और सरलता से फाइल करने में सहायता करने के लिए बाध्य करता है – अनुपालन अनुभव के अनुसार ये करदाता को और राजस्व संग्रहण के मामले में सरकार इस तरह दोनों के लिए फायदेमंद है।

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Pramit Pratim Ghosh

Author: Pramit Pratim Ghosh

Pramit, who has been with Tally since May 2012, is an integral part of the digital content team. As a member of Tally’s GST centre of excellence, he has written blogs on GST law, impact and opinions - for customer, tax practitioner and student audiences, as well as on generic themes such as - automation, accounting, inventory, business efficiency - for business owners.