हमारे पिछले ब्लॉग में, हम ई-वे बिल बनाने के अन्य तरीकों के बारे में सब कुछ समझ गए है, जैसे एसएमएस, एंड्रॉइड और ट्रांसपोर्टर मोड और इन मोड में से प्रत्येक के लिए पंजीकरण के बारे में कैसे जाना है। इनमें से, एसएमएस मोड में अधिकतम संख्या में उपयोगकर्ता हैं, क्योंकि यह छोटे करदाताओं के लिए है, जिनके पास आईटी सिस्टम नहीं हो सकते हैं, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में लेन-देन हो सकते हैं जिनके लिए एक दिन में ई-वे बिल बनाने की आवश्यकता हो सकती है। यह आपातकालीन मामलों के लिए भी एक तैयार समाधान है, उदाहरण के लिए, यदि आपको कभी रात में माल के तत्काल परिवहन की आवश्यकता होती है, तो आपके घर के आराम से वेब आधारित ई-वे बिल पोर्टल में लॉग इन करने के बजाए यह कर सकते है। इस प्रकार, ऐसे उपयोगकर्ता के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि एसएमएस मोड में ई-वे बिल कैसे बनाए, अपडेट करें और रद्द करें। अब हम अपने पिछले ब्लॉग में पहले से ही समझ चुके हैं, कि हम एसएमएस मोड के लिए कैसे पंजीकरण कर सकते हैं, तो हम मुख्य कार्यक्षमताओं को समझने के लिए अगले कुछ ब्लॉगों पर समय व्यतीत करेंगे, यानी एसएमएस मोड के माध्यम से ई-वे बिल अपडेट, रद्द और उत्पन्न करने के लिए।

व्यवसायों के लिए एसएमएस मोड के माध्यम से ई-वे बिल बनाना

यदि आप एक पंजीकृत व्यवसाय हैं जो एसएमएस मोड के माध्यम से ई-वे बिल बनाना चाहते हैं, तो आपको निम्न एसएमएस अनुरोध भेजना होगा:

EWBG / TranType / RecGSTIN/ DelPinCode / InvNo / InvDate / TotalValue / HSNCode / ApprDist / Vehicle

नोट: एसएमएस में प्रत्येक दो पैमाने के बीच एक स्पेस होना चाहिए जिसे यहाँ “/” से दर्शाया गया है

इसके पहले कि हम आगे बढ़ें, आईए हम समझें कि, प्रत्येक पैमाने का क्या अर्थ है और इसमें क्या मूल्य भरा जा सकता है (कोष्ठक में इसे दिखाया गया है):

  • EWBG – पंजीकृत व्यवसाय के लिए ई-वे बिल जेनरेशन (अपरिवर्तित अक्षर)
  • TranType – लेनदेन का प्रकार (मूल्य नीचे सूचीबद्ध अनुसार लेनदेन के प्रकार पर निर्भर करेगा)
    • OSUP – बाहरी आपूर्ति
    • OEXP – बाहरी निर्यात
    • OJOB – बाहरी जॉब कार्य
    • OSCD – बाहरी एसकेडी / सीकेडी
    • ORNK – बाहरी अज्ञात प्राप्तकर्ता
    • OFOU – बाहरी स्वयं के प्रयोग के लिए
    • OEOF – बाहरी प्रदर्शनी और मेला
    • OLNS – बाहरी लाईन विक्रय
    • OOTH – बाहरी अन्य
    • ISUP – आन्तरिक आपूर्ति
    • IIMP – आन्तरिक आयात
    • ISCD – आन्तरिक एसकेडी /सीकेडी
    • IJWR – आन्तरिक जॉब कार्य वापसी
    • ISLR – आन्तरिक विक्रय वापसी
    • IEOF – आन्तरिक प्रदर्शनी व मेला
    • IOTH – आन्तरिक अन्य
  • RecGSTIN – प्राप्तकर्ता का जीएसटीआईएन या यूआरपी यदि वह अपंजीकृत व्यक्ति है (15 अंक या यूआरपी)
  • DelPinCode – चालान के अनुसार आपूर्ति के स्थान का पिनकोड (6 अंक)
  • InvNo – चालान / बिल क्रमाँकr (अधिकतम 15 अक्षर जिसमें केवल “-“ और “/” विशेष अक्षर हो सकते हैं)
  • InvDate – चालान / बिल तिथि (DD/MM/YYYY प्रारूप में)
  • TotalValue – चालान / बिल का कुल मूल्य (अधिकतम 15 अंक 2 दशमलव स्थानों के साथ)
  • HSN Code एचएसएन कोड (कम से कम 2 अंक)
  • ApprDist – किमी में लगभग दूरी (अंक)
  • Vehicle – माल लेजाने वाले वाहन का नम्बर (AB12AB1234 / AB12A1234 / AB121234 / ABC1234 प्रारूप में)

एसएमएस को उस राज्य के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाना चाहिए जिससे आप परिचालन कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, कर्नाटक के सभी करदाता 97319 79899 पर एसएमएस भेजेंगे। इसी प्रकार, प्रत्येक राज्य के पास एसएमएस मोड के लिए एक निर्दिष्ट संपर्क नंबर होगा।

आइए उदाहरण के माध्यम से हमारी समझ पूरी करें :

बैंगलोर कर्नाटक के प्रभास ट्रेडर्स अपना 75,000 रुपये का माल, जिसका एचएसएन कोड़ 1001 है, चालान क्रमाँक 546, दिनाँक 1 अप्रैल, 2018 नन्जागुड़, कर्नाटक के शिवा & कम्पनी (GSTIN; 29AABCX0892K1ZK), को वाहन क्रमाँक KA 12 AB 1234 द्वारा 170 किमी की दूरी पर भेजना चाहते हैं.

श्री प्रभास द्वारा भेजा जाने वाला एसएमएस होगा:

“EWBG OSUP 29AABCX0892K1ZK 571301 546 01/04/2018 75000.00 1001 170 KA12AB1234”

वह इस एसएमएस को 97319 79899 पर भेजेंगे जो कर्नाटक के लिए निर्दिष्ट है. यदि सब सही है तो वह निम्नलिखित पुष्टि संदेश प्राप्त करेगा:

“E-way bill generated successfully. E-Way Bill No: 171000000144 and date is 01/04/2018.”

अब जब हम एसएमएस मोड के माध्यम से ई-वे बिल बनाने के बारे में सब कुछ समझ चुके हैं, तो हम अपने अगले ब्लॉग में एसएमएस मोड का उपयोग करके ई-वे बिल बनाने के लिए ट्रांसपोर्टर द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया को जानेंगे।

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Pramit Pratim Ghosh

Author: Pramit Pratim Ghosh

Pramit, who has been with Tally since May 2012, is an integral part of the digital content team. As a member of Tally’s GST centre of excellence, he has written blogs on GST law, impact and opinions - for customer, tax practitioner and student audiences, as well as on generic themes such as - automation, accounting, inventory, business efficiency - for business owners.