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हमारे वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में जीएसटी के बारे में विस्तार से चर्चा नही की| हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि जीएसटी के लिए संविधान संशोधन विधेयक से पारित किया गया हैं और इसके कार्यान्वयन की प्रगति मतलब एक “विवर्तनिक नीति की पहल” है|

जीएसटी के लाभों पर संसद भवन में सभा के दौरान संक्षिप्त रूप में वर्णन करते हुए उन्होंने कहा, “तेजी से विकास, प्रतिस्पर्धा, अप्रत्यक्ष कर सरलीकरण और अधिक से अधिक पारदर्शिता के मामले में हमारी अर्थव्यवस्था को जीएसटी से लाभ पहले से ही बड़े पैमाने पर मिलनेवाला हैं इसका विचार-विमर्श संसद के दोनों सदनों में कीया गया है। मैं जीएसटी को सर्वसम्मति से संविधान संशोधन के लिए पारित करने के लिए दोनों सदनों के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने जीएसटी परिषद में सभी प्रासंगिक मुद्दों को हल करने के लिए राज्य सरकारों को भी धन्यवाद दिया। यह वित्त मंत्री से एक स्पष्ट संकेत है कि जीएसटी दाखिल करने से जीएसटी परिषद से आनेवाली प्रमुख बाधाओं का पूरी तरिके से हल मिल गया हैं और सब ने जीएसटी को मंजूरी दे दी है|

वित्त मंत्री ने कहाँ की जीएसटी परिषद में जीएसटी दर संरचना की व्यापक रूपरेखा, सीमा में छूट, संरचना योजना के लिए मानक, जीएसटी के कार्यान्वयन के कारण तथा राज्यों को मुआवजे के लिए विवरण, जीएसटी कानून के मसौदे मॉडल की परीक्षा, आइजीएसटी कानून के मसौदे, जीएसटी के लिए मुआवजा कानून और प्रशासनिक तंत्र सहित जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 9 बैठकें आयोजित की थी| इसके अलावा उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद में आम सहमति के आधार पर लगभग सभी मुद्दों पर अपनी सिफारिशें को अंतिम रूप दे दिया गया है|

नए कानून की तत्परता के बारे में, हमारे वित्त मंत्री ने कहा है कि दोनों राज्यों और केन्द्रीय बोर्ड के उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभागो के अधिकारियों के कई सारे समूह मॉडल जीएसटी कानून , नियमों और अन्य विवरण को परिशोधित करने के लिए अथक परिश्रम कर रहे है | उन्होंने संकेत दिया कि व्यापक पहुंच के बाहर व्यापार करने के प्रयासों के साथ जीएसटी के अनुसार उद्योग को 1 अप्रैल, 2017 से उन्हें नए कराधान प्रणाली के बारे में जानकारी देने के लिए शुरू कर देंगे। उन्होंने यह भी पुष्टि की है कि जीएसटीएन (जीएसटी की आईटी इकाई) का अवलंब करने के लिए जीएसटी के आईटी प्रणालियों की तैयारी भी समय से चल रही हैं|.

कार्यान्वयन की तारीख के बारे में, मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार, उत्पाद एवं सीमाशुल्क बोर्ड के माध्यम से, कार्यक्रम के अनुसार जीएसटी के कार्यान्वयन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी रहेगा। हालांकि माननीय मंत्री कार्यान्वयन की तारीख का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया था, भारत सरकार के मंत्रालय के लिए राजस्व वित्त सचिव मिस्टर.हासमुख अधिया ने एक निजी समाचार चैनल को कहा है कि जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लागू किया जाएगा और उन्होंने यह भी बताया की सरकार ने 8.8% अप्रत्यक्ष कर वृद्धि का अनुमान लगाया हैं, यह अनुमान वित्त वर्ष 2017-18 के लिए राजस्व की गणना करते वक़्त सामने आया|

वित्त मंत्री के भाषण का मुख्य आकर्षण यह है कि वे सकल घरेलू उत्पाद का 2017-18 के लिए 3.2% तक राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाते है और अगले वर्ष में 3% लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध रहते है। इस क्रमिक दृष्टिकोण के साथ, एफआरबीएम रिपोर्ट ने सिफारिश की हुई राजकोषीय समेकन के रोड मैप अनुसार वह राजकोषीय समेकन करने के लिए उसका पालन करेंगे यह उन्होने सुनिश्चित किया| इस रोड मैप को हासिल करना हैं, तो लक्षित राजस्व प्राप्त करना अपरिहार्य है, और राजकोषीय लक्ष्य राजस्व प्राप्त करना केवल जल्द से जल्द जीएसटी को लागू करने से संभव हो सकता है (लक्षित अप्रत्यक्ष कर जीएसटी के आधार पर राजस्व के तहत प्राप्त करना)। हम मानते हैं कि सरकार राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखने और समय पर जीएसटी को लागू करने के बारे में पूरे जोश में काम कर रही है|.

इसके अलावा एक बात का अनुमान आप भी लगा सकते हैं की, सरकार के लिए कार्यान्वयन के पहले वर्ष में 8.8% की अप्रत्यक्ष कर राजस्व वृद्धि प्राप्त करना आसान नहीं है, वो भी ९ महीने के भीतर हासिल करना ना के बराबर हैं| हम यहाँ उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार केवल समय पर जीएसटी ही ना लागू कर ले, बल्कि उत्साह के साथ, और व्यवसायों से उच्च अनुपालन भी सफलता पूर्वक प्राप्त करें|

इन सब के साथ, सरकार 1 जुलाई 2017 को जीएसटी को लागू करने के लिए उत्सुक हैं इसके कई सारे संकेत मिले हैं| श्री जेटली के बजट भाषण में बयान दिया था कि वह उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव करना नापसंद करते हैं क्योंकि ये सारे जीएसटी प्रतिस्थापित होने पर अपने आप उन्नति कर लेंगे|

इसलिए, सारे व्यवसायों को जीएसटी सदृश तैयारी करना ज़रूरी हैं, क्योंकि जीएसटी के तहत परिवर्तन लाना एक रात में संभव नहीं है।

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