17 नवंबर 2007 को GST परिषद की बैठक में छोटे करदाताओ के अनुपालन को आसन बनाने के लिए विभिन्न निर्णय लिए गए थे, करदाता के लिए कोम्पोजिसन योजना वधु आकर्षक बनाई गई थी और उपभोक्ता के लिए घरेलू खर्च में कमी लाई गई थी। GST परिषद की सिफारिशों को विस्तार से समझें:

रिटर्न दर्ज करना

1.मार्च 2018 तक GSTR-3B दर्ज करवाना होगा

GSTR-3B, एक सारांशित मासिक वापसी, अब मार्च 18 तक दर्ज होना चाहिए। पहले ये GSTR-3B फॉर्म सिर्फ दिसम्बर 2017 तक लागु था। GSTR-3B और कर का भुगतान अगले महीने की 20वी तारीख तक हो जाना चाहिए।

2.1.5 तक के सामूहिक टर्नओवर वाले व्यक्तिओ का GSTR-1 त्रेमासिक दर्ज होना चाहिए

जिनकी वार्षिक कुल कारोबार रु 1.5 करोड़ है वह निचे दिए गए केलेंडर अनुसार त्रेमासिक के आधार पर GSTR-1 दर्ज कर सकते है।

रिटर्न की अवधी GSTR-1 दर्ज करने की तारीख
जुलाई-सप्टेम्बर ‘1731st दिसम्बर ‘17
ओक्टबर-दिसम्बर ‘1715th फरवरी ‘18
जनवरी-मार्च ‘1830th एप्रिल ‘18

3.जिन व्यक्तिओ की कुल वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ से अधिक है उन व्यक्तिओ के लिए GSTR-1 दर्ज करने की तारीख में छुट दी गई है;

जिनकी वार्षिक कुल कारोबार रु।1.5 करोड़ रुपये से अधिक है उन सभी को मासिक आधार पर GSTR-1 दर्ज करना होगा। निचे दिए गए कोष्ठक के मुताबिक तारीखों में छुट दी गई है;

रिटर्न अवधि GSTR-1 दर्ज करने की तारीख
जुलाई-ओक्टबर ‘1731st दिसम्बर ‘17
नवंबर ‘1710th जनवरी ‘18
दिसम्बर ‘1710th फरवरी ‘18
जनवरी ‘1810th मार्च ‘18
फरवरी ‘1810th एप्रिल ‘18
मार्च ‘1810th मे ‘18

4.अन्य GST फॉर्म के लिए संशोधित तिथिया

निश्चित फॉर्म की देय तिथियां निम्नानुसार संशोधित की गई हैं:

फॉर्मनियत तारीख/strong>
GST ITC-04 (नोकरी कार्यकर्ता से प्राप्त इनपुट/केपिटल गुड्स का विवरण)31st दिसंबर‘17
GSTR-4 (क्म्म्पोज़ीसन करदाताओ के लिए रिटर्न) जुलाई-सप्टेम्बर ‘17के लिए 24th दिसंबर ‘17
GSTR-5 (अनिवासी करदाताओं के लिए रिटर्न) जुलाई ‘1711th दिसंबर ‘17
GSTR-5A (ऑनलाइन जानकारी और पुनर्प्राप्ति सेवा प्रदाताओं के लिए रिटर्न) जुलाई ’17 के लिए 15th दिसंबर ‘17
GSTR-6 (इनपुट सेवा वितरकों के लिए रिटर्न) जुलाई ’17 के लिए 31st दिसंबर ‘17
TRAN-1 (संक्रमणकालीन इनपुट कर क्रेडिट के दावे के लिए आवेदन)31st दिसंबर ‘17

 

5. जुलाई, अगस्त और सितंबर 17 के लिए GSTR-3B देर से दाखिल करने के लिए लगा शुल्क का श्रेय

जुलाई, अगस्त और सितंबर 17 के लिए GSTR-3B देर से दाखिल करने के लिए जो शुल्क लागू किया गया था, जिसे सरकार ने माफ़ किया था। जिन करदाताओ ने देर से GSTR दर्ज करवाने के लगे शुल्क जमा करवा दिया है उन्हें सबंधित कर हेड के तहत अपने इलेक्ट्रॉनिक नकद लेजर में एक क्रेडिट प्राप्त होगा। भविष्य में कर देनदारियों का भुगतान करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

6. शून्य कर दायित्व वाले व्यक्तियों के लिए GSTR-3B देर से दाखिल करने के लिए लगे शुल्क में कमी

अक्टूबर 17’ में जिन व्यक्तिओ का कर दायित्व शुन्य है, उसे देर से भुगतान के लिए हर दिन 20 रुपिए शुल्क का भुगतान करना होगा। इससे पहेले ये शुल्क प्रति दिन 200 रूपया थी।

7. जुलाई 17 के लिए GSTR-2 और GSTR-3 दाखिल करने की नियत तारीखों का निर्णय लिया जाएगा

GSTR-2 और GSTR-3 दाखिल करने के लिए निर्धारित तिथियों का निर्णय अधिकारियों की एक समिति द्वारा किया जाएगा। हालांकि, GSTR-1 और GSTR-3B नियत तिथियों के अनुसार दाखिल किया जाना है। जुलाई ’17 से मार्च ’18 की अवधि के लिए, पिछले माह के GSTR-2 और GSTR-3 दर्ज किए बिना भी GSTR-1 को दाखिल किया जा सकता है।

 पंजीकरण

1. ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों के लिए अनिवार्य पंजीकरण से छूट

ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के जरिए आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों को उनके कारोबार के बावजूद पहले ही अनिवार्य रूप से रजिस्टर करने की आवश्यकता थी। अब, ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्ति को अनिवार्य पंजीकरण से छूट दी गई है। इसका अर्थ है कि ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के जरिए सेवाएं मुहैया कराने वालों को जब उनका कारोबार 10 लाख की सीमा को पार करता है तब केवल पंजीकृत होने की जरूरत है । (विशेष श्रेणी राज्यों के लिए, अर्थात अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, )( शेष भारत के लिए 20 लाख). ।

कम्पोजिशन स्कीम

1.उत्पादको के लिए 1% कर

इससे पहले, निर्माताओं को उनके कारोबार का 2% कर का भुगतान करना पड़ता था। यह अब 1% में बदल दिया गया है।

2. व्यापारियों के लिए, कर योग्य आपूर्ति के मूल्य पर केवल भुगतान किया जाना है

कम्पोजिशन योजना के तहत कारोबार के प्रतिशत के रूप में कर का भुगतान करना होगा। रचना योजना के तहत कर के भुगतान के उद्देश्य के लिए, टर्नओवर की कुल कर योग्य आपूर्ति + छूट प्राप्त की जा चुकी है। अब, यह निर्णय लिया गया है कि व्यापारियों को कर योग्य आपूर्ति के मूल्य पर केवल 1% कर का भुगतान करना होगा। कर के भुगतान के उद्देश्य से व्यापारियों के कारोबार की गणना के लिए छूट की आपूर्ति के मूल्य पर विचार नहीं किया जाएगा। ध्यान दे, व्यापारियो के कारोबार की गणना में यह परिवर्तन केवल कर के भुगतान के लिए है। पंजीकरण के लिए टर्नओवर की गणना मुआवजे की आपूर्ति + आपूर्ति + नियार्त सभी के लिए वही है।

3.कम्पोजिशन कर दाता प्रति वर्ष 5 लाख तक की सेवा की आपूर्ति कर सकते है, जिसमे उसे कर से छूट मिलेगी

इससे पहले रेस्टोरा के प्रदाताओ को छोड़कर किसी को भी कम्म्जिशन करदाता के रूप में पंजीकरण करवाने की अनुमति नही थी। अब प्रति वर्ष 5 लाख की कमाई वाले सेवा प्रदाता इस योजना के तहत पंजीकरण करवा सकते है। इस आपूर्तिकारो को भी कर से छूट दी जाएगी।

4.थ्रेसहोल्ड में 1.5 करोड़ तक की आवक वाले कम्पोजिशन योजना में पंजीकरण करवा सकते है

विशेष श्रेणी वाले राज्यों को छोडकर सभी राज्यों में कम्पोजिशन योजना में पंजीकरण करवाने की सीमा बढ़कर 1 करोड़ कर दी गई थी। अब इसकी सीमा बढाकर 1.5 करोड़ कर दी है। इसका मतलब है की इस क्षेत्र में जिसका टर्न ओवर 1.5 करोड़ तक का है वह कम्पोजिशन स्कीम का लाभ ले सकते है।

2.रेस्टोरा

1. सिर्फ 50 आइटम अब 28% GST को आकर्षित करेंगे

केवल 50 चीज़े अब 28% कर को आकर्षित करेंगी। 28% GST की श्रेणी में जिन चीजों की दर में कमी आई है उनमे डिटर्जेंट, फर्निचर, शैंपू, कलाई घड़ियों और चॉकलेट शामिल हैं। वोशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, निर्माण की सामग्री, सीमेंट, ओटो मोबाईल पर 28% GST दर है।

2.Restaurants

  • अकेला स्थित रेस्टोरा, चाहे एयर कंडिशनर हो या न हो, वह इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के बिना, 5% GST को आकर्षित करेंगे। खाद्य पार्सल या टेकवेज़ ITC के बिना 5% GST को आकर्षित करेगा।
  • होटल परिसर में स्थित रेस्टोरा प्रति यूनिट जिसका टेरिफ 7500 रुपिए है वह ITC के बिना 5% GST को आकर्षित करेगा।
  • होटल परिसर में स्थित रेस्टोरा प्रति यूनिट जिसका टेरिफ 7500 रुपिए से ज्यादा है वह ITC के बिना 18 % GST को आकर्षित करेगा।

3. अन्य वस्तुओं के लिए GST दरों में कमी

13 चीजों का GST दर 18% से 12% तक कम किया गया है, 6 चीजों का GST दर 18% से 5% तक कम किया गया, 8 चीजों का GST दर 12% से 5% तक कम किया गया और 6 चीजों का GST दर 5% से शुन्य किया गया।

इसलिए, इस बैठक में GST परिषद की सिफारिशें छोटे व्यवसायों के लिए उपयोगी हैं। हालिया उपायों के साथ कम्पोजिशन योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। विभिन्न वस्तुओं के लिए GST की दर में कटौती उपभोक्ताओं पर केंद्रित है और उनके घरेलू खर्चों को कम कर दिया गया है। रिटर्न दाखिल करने की तारीखों के विस्तार का उपाय सकारात्मक है, ये GST को पालन करने के लिए व्यवसायों को पर्याप्त समय देगा। कुल मिलाकर, ये उपाय करदाताओं के लिए अनुपालन का बोझ कम कर देंगे और उपभोक्ताओं के लिए अधिक बचत लाएंगे।

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