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जीएसटी कानून का संशोधित मसौदा मॉडल 26 नवंबर 2016 को उपलब्ध कराया गया था, जीएसटी कानून के संशोधित मसौदे मॉडल पर किन चीज़ो पे प्रमुख प्रकाश डाला गया इसे हम निम्न वर्गों में वर्गीकृत कर रहे हैं:

  • क्या परिवर्तन किया गया हैं?
  • क्या नए अतिरिक्त चीज़े डाली गयी हैं?
  • किन चीज़ो का बहिष्करण किया हैं?

क्या परिवर्तन किया गया  हैं?

विषयप्रकरण१४ जून २०१६ को प्रकाशित किया गये क़ानून का ढांचासंशोधित किए गये क़ानून का ढांचा – २६ नवंबर, २०१६
पंजीकरणनॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए 5 लाख रुपए

शेष भारत के लिए 10 लाख रुपए

विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 10 लाख रुपए*

विशेष श्रेणी के राज्यों के अलावा अन्य राज्यों के लिए 20 लाख रुपए

* अरुणाचल प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

कुल कारोबारकुल मूल्यसभी कर योग्य आपूर्ति, गैर कर योग्य आपूर्ति,  आपूर्ति मुक्त और निर्यात की आपूर्ति इसमे शामिल हैसभी कर योग्य आपूर्ति, आपूर्ति मुक्त और निर्यात की आपूर्ति भी शामिल है
आपूर्तिसेवाओं की आयातसेवाओ की आयात, जिसपर विचार किया गया हो अथवा ना किया गया हो, कार्यप्रणाली अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के हेतु में उल्लेख हो या ना हो|सेवाओ की आयात, जिसपर विचार किया गया हो, कार्यप्रणाली अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के हेतु में उल्लेख हो या ना हो|
रचना उदग्रहणकर की दरवित्तीय वर्ष के दौरान एक राज्य में 1% से कम का कारोबार होना|राज्य में एक वित्तीय वर्ष के दौरान कारोबार में निर्माता* के लिए कम से कम 2.5 % और अन्य व्यक्तियों के लिए कम से कम 1%

* परिषद की सिफारिश पर माल के निर्माता को अधिसूचित किया जा सकता हैं|

रचना उदग्रहणप्रतिबंधपंजीकृत कर योग्य व्यक्ति द्वारा जो अंतर-राज्य में माल और / या सेवाओं की आपूर्ति करता हैं उसे रचना उदग्रहण को चुनने की अनुमति नही दे सकते हैं|अंतरराज्यीय जावक की आपूर्ति की मौजूदा हालत के साथ-साथ, निम्नलिखित नए अतिरिक्त व्याख्याये जारी की गयी हैं:

1)     सेवाओं की आपूर्ति
2)     माल की आपूर्ति में लगे जो जीएसटी के तहत कर मुक्त हैं
3)     एक इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य ऑपरेटर के माध्यम से माल की किसी भी प्रकार की आपूर्ति
4)     परिषद की सिफारिश पर माल के निर्माता को अधिसूचित किया जा सकता हैं|

माल की आपूर्ति का समयआगे का मूल्यनिम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       माल को हटाने की तिथि
2.       चालान की तिथि
3.       भुगतान प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में प्रवेश (माल की प्राप्ति) की तिथि

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       चालान की तिथि
2.      भुगतान प्राप्ति की तारीख

माल की आपूर्ति का समयपीछे का मूल्यनिम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       वस्तुओं की प्राप्ति की तारीख
2.       जिस दिनांक पर भुगतान किया जाता है
3.       चालान की प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में डेबिट का दिनांक

 

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       माल की प्राप्ति की तारीख
2.       भुगतान की तिथि
3.       चालान की तारीख से 30 दिन

उपरोक्त घटनाओं निर्धारित करने में असमर्थ हैं, तो प्राप्तकर्ता के खाते की पुस्तकों में प्रवेश की तिथि, आपूर्ति का समय होगा

सेवाओं की आपूर्ति का समयआगे का मूल्यमामले में चालान निर्धारित अवधि के भीतर जारी किया गया हैं:  निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं::

1.       चालान की तिथि
2.       भुगतान की रसीद

मामले में चालान निर्धारित अवधि के भीतर जारी नहीं किया गया है: निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       सेवा के पूरा होने की तिथि
2.       भुगतान की रसीद

 

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       चालान की तिथि
2.       भुगतान की प्राप्ति की तारीख

 

सेवाओं की आपूर्ति का समयपीछे का मूल्यनिम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       सेवाओं की प्राप्ति की तारीख
2.       जिस दिनांक पर भुगतान किया जाता है
3.       चालान की प्राप्ति की तारीख
4.       खातों की पुस्तकों में डेबिट का दिनांक

निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       भुगतान की तिथि
2.       चालान की तारीख से 60 दिन

उपरोक्त घटनाओं निर्धारित करने में असमर्थ होते हैं, तो प्राप्तकर्ता के खाते की पुस्तकों में प्रवेश की तिथि से आपूर्ति का समय होगा|

आपूर्ति का मूल्यसब्सिडीझआपूर्ति से जुड़े मूल्य की किसी भी रूप या ढंग से प्रदान की सब्सिडी शामिल होगीकेंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रदान की सब्सिडी को छोड़कर ऐसी सब्सिडी जो सीधे कीमत से जुड़ी हुई हैं|
ठेके का कामइनपुट टॅक्स क्रेडिटप्रधान निर्माता 180 दिनों के भीतर काम के लिए भेजा आदानों को प्राप्त करने की आवश्यकता हैं1 वर्ष के भीतर काम के लिए भेजे आदानों को प्राप्त करने की प्रधान को जरूरत हैं
ठेके का कामइनपुट टॅक्स क्रेडिटपूंजीगत सामान वापस प्राप्त करने की अवधि 2 वर्ष हैपूंजीगत सामान वापस प्राप्त करने की अवधि 3 वर्ष है
धन की वापसीदेरी से वापसी पर ब्याजयदि 3 महीने के भीतर वापसी नहीं हुई तो ब्याज का भुगतान किया जाएगायदि 60 दिनके भीतर वापसी नहीं हुई तो ब्याज का भुगतान किया जाएगा
स्थलांतरण के प्रावधानपंजीकृत व्यापार (निर्माता, व्यापारी और सेवा प्रदाता)इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को  जीएसटी से आगे ले जाने के लिए बनाई गयी शर्तें :

1.       आईटीसी का समापन बॅलेन्स, पिछले रिटर्न में दाखिल करके प्रतिबिंबित करना चाहिए
2.       क्रेडिट को मौजूदा कानून के तहत अनुमति दी जानी चाहिए और
3.       जीएसटी के तहत  इसेइनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में अनुमति दी है

इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को  जीएसटी से आगे ले जाने के लिए बनाई गयी शर्तें :

1.       आईटीसी का समापन बॅलेन्स, पिछले रिटर्न में दाखिल करके प्रतिबिंबित करना चाहिए
2.       जीएसटी के तहत  इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में अनुमति दी है

 

 

 

अनुसूचियाँअनुसूची 1इस अनुसूची में लेनदेन या गतिविधियों की जो भी सूची प्रदान की गयी हैं, उन्हे बिना आपूर्ति के व्यवहार में गिना जाएगा:

1.       स्थायी स्थानांतरण / व्यापार संपत्ति के निपटान।
2.       एक निजी या गैर-व्यावसायिक उपयोग करने के लिए व्यापार संपत्ति का अस्थाई आवेदन।
3.       एसी सेवाये जो एक निजी या गैर-व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल की गई हैं|
4.       रेजिस्ट्रेशन समाप्त करने के बाद बरकरार रखी गयी संपत्ति|
5.       कार्यप्रणाली के दौरान अथवा व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कर योग्य व्यक्ति द्वारा कर के लिए योग्य/ अयोग्य व्यक्ति को  माल और / या सेवाओं की आपूर्ति|

संशोधित मसौदा कानून के अनुसार, लेनदेन या गतिविधियों में क्र. 2,3,4 और 5 के तहत उल्लेख किए हुए विशेषताएं को बाहर रखा गया है और संशोधित अनुसूची १ में नीचे दिए गये विशेषताएं शामिल हैं:

1.       स्थायी स्थानांतरण / व्यापार संपत्ति का निपटान जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट का एसी संपत्ति पर लाभ उठाया गया है
2.       धारा 10 में निर्दिष्ट  व्याख्या के तहत संबंधित या अलग व्यक्तियों के बीच माल या सेवाओं की आपूर्ति होना, जो काम के दौरान या व्यापार को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किया गया हैं|
3.       प्रधान द्वारा उसके एजेंट को सामान की आपूर्ति, जहाँ एजेंट, प्रधान की ओर से इस समान की आपूर्ति करता हैं या इसका उल्टा जहाँ प्रधान एजेंट की ओर से यह करता हैं|
4.       कंपनी के कार्यक्रम के दौरान अथवा भविष्य में व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कर के लिए योग्य व्यक्ति को किसी संबंधित व्यक्ति से या भारत के बाहर अपने अन्य प्रतिष्ठानों से सेवाओ की आयात करना|

 

क्या नए अतिरिक्त चीज़े डाली गयी हैं?

प्रकरणनयी चीज़ेविवरण
व्याख्यापूंजीगत वस्तुएंकैपिटल गुड्स का मतलब ऐसा माल, जिसका मूल्य, क्रेडिट का दावा करने वाले व्यक्ति के खातों की पुस्तकों में पूंजीकृत हैं और जिसका उपयोग काम के दौरान या व्यापार को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाता हैं या ऐसा करने का इरादा रखा जाता हैं|
आपूर्तिमिश्रित आपूर्तिवस्तुओं या सेवाओं या दोनो के एक संयोजन में दो या दो से अधिक व्यक्ति की आपूर्ति  जब एक ही कीमत पर एक कर योग्य व्यक्ति द्वारा होती हैं|
आपूर्तिसमग्र आपूर्तिएक कर योग्य व्यक्ति द्वारा एक प्राप्तकर्ता को वस्तुओं या सेवाओं या किसी भी संयोजन की की गयी आपूर्ति, जो स्वाभाविक रूप से बंडल में हैं और जिसकी आपूर्ति व्यापार के सामान्य कार्यप्रणाली के दौरान हुई हैं|
आपूर्ति का समयवाउचर की आपूर्तिआपूर्ति के समय पर निम्नलिखित की गयी चीज़ो में जल्द से जल्द जो संभव हैं:

1.       वाउचर जारी करने की तारीख, अगर सप्लायर को पहचाने जाने के लिए योग्य है
2.      वाउचर के मोचन की तिथि, अन्य सभी मामलों में

आपूर्ति का मूल्यब्याज, देर से दी गयी शुल्क या जुर्मानाआपूर्ति  के दौरान, ब्याज या विलंब शुल्क या देरी के लिए लगाया गया जुर्माना  कर पात्र होगा।
आपूर्ति का मूल्यआपूर्ति के बाद दी गयी छूटआपूर्ति के पश्चात लेनदेन मूल्य से दी गयी छूट की कटौती आगे दी गयी शर्तों के पालन करने पर की जाएगी:

1.       छूट ऐसी चीज़ होती हैं जो एक समझौता के द्वारा आपूर्ति के समय पर (या उससे पहले) से तथा किसी भी  प्रासंगिक चलन जुड़ी होती हैं, और
2.       इनपुट टॅक्स क्रेडिट के आपूर्ति को प्राप्तकर्ता द्वारा उलटा भेजा जाता हैं जो प्रदायक द्वारा जारी किए गये दस्तावेज के आधार छूट के लिए फलस्वरूप माना जाता हैं|

बीजकरिवर्स चार्ज क्रियाविधिएक पंजीकृत कर योग्य व्यक्ति, जो रिवर्स चार्ज पर कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, को अपंजीकृत व्यक्ति से सामान या सेवाओं के किसी भी आवक की आपूर्ति करने पर एक कर चालान जारी करना चाहिए|
पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसीपाइप लाइन और दूरसंचार टावरों के लिएपहले साल में आईटीसी की अधिकतम एक तिहाई, पहले साल के दावे को शामिल करके दूसरे वित्तीय वर्ष में आइटीसी की अधिकतम दो तिहाई, और शेष किसी भी अनुवर्ती वित्त वर्ष में की जाएगी|
आईटीसीसेवा की आपूर्ति पर आईटीसी की उलटफेरप्राप्तकर्ता, सेवा के आपूर्तिकर्ता को राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो आपूर्ति के समय सेवाये प्रदान करने की राशि, उसके साथ चालान जारी करने के बाद तीन महीने के भीतर जिस टॅक्स का भुगतान ज़रूरी हैं वह टॅक्स, और इसीके साथ प्राप्तकर्ता को मिली हुई इनपुट टॅक्स क्रेडिट की जितनी राशि हैं उसके बराबरी की राशि, इन तीनो मिलाकर जो राशि होती हैं वो प्राप्तकर्ता को ब्याज के साथ उत्पादन कर देयता में देनी पड़ेगी|
मुनाफाखोरी के खिलाफ बनाये खंडमुनाफाखोरी के  विरुद्धइनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ वास्तव में किसीने उठाया हैं इसकी जांच करने के लिए है  किसी भी पंजीकृत कर योग्य (टॅक्स देने के लिए योग्य) व्यक्ति का लेनदेन देखना चाहिए तथा वस्तुओं या सेवाओं की कीमत में कमी के माध्यम से टॅक्स(कर) की दर में कोई कमी लाकर किसी ग्राहक को लाभ उठाने के लिए पारित कर दिया गया है, इसकी जाँच कर सकते हैं|
स्थलांतरण के प्रावधानउत्पाद शुल्कपहले चरण का डीलर / दूसरे चरण का डीलर / आयातक को बंद होने वाले स्टॉक पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने की अनुमति दी है।
स्थलांतरण के प्रावधानएंट्री टैक्सभुगतान किया हुआ एंट्री टैक्स का बंद होनेवाले शेयर के इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप दावा करने की अनुमति दी है।
स्थलांतरण के प्रावधानसर्विस टॅक्ससेवा प्रदाता जो छूट दी गई सेवाओं को प्रदान करने का काम कर रहा हैं, जो जीएसटी में कर योग्य है, वह आदानों (इनपुट्स) पे इनपुट टैक्स क्रेडिट पा सकता हैं|
अनुसूचियाँअनुसूची 3इस अनुसूची में  गतिविधियों या लेनदेन की सूची दी गयी हैं जो माल की आपूर्ति या सेवाओं की आपूर्ति के रूप में माना नही जाएगा|

स्थलांतरण के प्रावधानों पर अधिक पढ़ें

किन चीज़ो का बहिष्करण किया हैं?*

प्रकरणबहिष्करणविवरण
माल की व्याख्याप्रतिभूतियांपरिभाषा के अनुसार, प्रतिभूतियाँ माल से बाहर रखा गया है।
आपूर्ति का मूल्यरॉयल्टी, लाइसेंस शुल्क और नि:शुल्क वस्तु और सेवाइन आपूर्ति के मूल्य को अनुभाग से बाहर रखा गया है।
आपूर्ति का मूल्यमूल्यांकन के नियममूल्यांकन के नियम (तुलना, गणना और अवशिष्ट विधि) संशोधित मसौदा कानून से बाहर रखा गया है।

 

*ये 14 जून, 2016 को प्रकाशित कानून मसौदे में है, मगर इसे संशोधित मसौदा कानून से बाहर रखा गया है। क्यूंकी क़ानून अभी भी संशोधित स्थिति में है इसलिए यह अंतिम क़ानून में फिरसे शामिल किया जा सकता हैं|

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Yarab A

Author: Yarab A

Yarab is associated with Tally since 2012. In his 7+ years of experience, he has built his expertise in the field of Accounting, Inventory, Compliance and software product for the diverse industry segment. Being a member of ‘Centre of Excellence’ team, he has conducted several knowledge sharing sessions on GST and has written 200+ blogs and articles on GST, UAE VAT, Saudi VAT, Bahrain VAT, iTax in Kenya and Business efficiency.