Language

  • English
  • Hindi
  • Marathi
  • Kannada
  • Telugu
  • Tamil
  • Gujarati

प्रत्येक रजिस्टर्ड करयोग्य व्यक्ति को अगले माह की 10 तारीख तक बाहरी आपूर्ति विवरण फार्म  जी एस टी आर-1 में दाखिल करने होंगे। 11 तारीख को, आंतरिक आपूर्तियां प्राप्तकर्ता को जी एस टी आर-2ए में स्वतः भरी दिखेगी। 11 से 15 तारीख तक की अवधि के दौरान फार्म जी एस टी आर-2A में कोई सुधार (परिवर्धन, संशोधन और विलोपन) किए जा सकते हैं और अगले महीने की 15 तारीख तक फार्म जी एस टी आर -2 में प्रस्तुत किया जा सकता है। प्राप्तकर्ता द्वारा फार्म जी एस टी आर -2 में कोई सुधार (परिवर्धन, संशोधन और विलोपन) आपूर्तिकर्ता को फार्म जी एस टी आर -1ए में उपलब्ध कराए जाएंगे। आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता द्वारा किए गए समायोजन स्वीकृत या अस्वीकृत कर सकता है। फार्म जी जी एस टी आर -1 को आपूर्तिकर्ता द्वारा स्वीकृत सुधारों की सीमा तक संशोधित किया जाएगा।

20 तारीख को, स्वतः भरा रिटर्न जी एस टी आर-3 भुगतान सहित दाखिल करने हेतु उपलब्ध होगा। मासिक रिटर्न फार्म जी एस टी आर -3 दाखिल करने की निर्धारित तिथि के बाद, आंतरिक आपूर्तियों का मिलान आपूर्तिकर्ता द्वारा प्रस्तुत बाहरी आपूर्तियों से किया जाएगा और तब इनपुट कर क्रेडिट की अंतिम स्वीकृति फार्म जी एस टी एमआईएस-1 में दी जाएगी।

साथ ही, बढ़े हुए दावों या प्रतिरूपित/प्रतिकृति दावों के कारण इनपुट कर क्रेडिट का मिलान न होने की स्थिति से फार्म जी एस टी एमआईएस-1 में अवगत कराया जाएगा। सही न की गई विसंगतियां, ब्याज सहित आउटपुट कर देयता के रूप में जोड़ी जाएंगी। हालांकि निर्दिष्ट समयसीमा में यदि इसे सही कर दिया जाता है, तो प्राप्तकर्ता यह आउटपुट कर देयता घटाने हेतु पात्र होगा।

आइए इसे एक उदाहरण से समझें।

artboard-1

 

Are you GST ready yet?

Get ready for GST with Tally.ERP 9 Release 6

277,513 total views, 21 views today

Yarab A

Author: Yarab A

Yarab is associated with Tally since 2012. In his 7+ years of experience, he has built his expertise in the field of Accounting, Inventory, Compliance and software product for the diverse industry segment. Being a member of ‘Centre of Excellence’ team, he has conducted several knowledge sharing sessions on GST and has written 200+ blogs and articles on GST, UAE VAT, Saudi VAT, Bahrain VAT, iTax in Kenya and Business efficiency.