नया जीएसटी त्रैमासिक रिटर्न भारत के छोटे व्यवसायों के लिए है। इस तरह के व्यवसायों के लिए अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए जीएसटी परिषद द्वारा यह एक पहल की गई है। इस आलेख में, हम नए जीएसटी त्रैमासिक रिटर्न की प्रमुख विशेषताओं को समझें।

जीएसटी तिमाही रिटर्न कौन भर कर सकता है?

पिछले वित्तीय वर्ष में जिनका कारोबार रुपये 5 करोड़ तह है वे तिमाही रिटर्न दर्ज कर सकते हैं।

क्या एक छोटा व्यवसाय त्रैमासिक रिटर्न की बजाय मासिक रिटर्न दर्ज करने का विकल्प चुन सकता है?

एक व्यक्ति जिसका कारोबार रुपये 5 करोड़ तक है, उसके पास मासिक या त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने का विकल्प होता है। यह विकल्प वर्ष की शुरुआत में करदाताओं से लिया जाएगा। यदि एक वर्ष के दौरान करदाता तिमाही रिटर्न दाखिल करने से मासिक रिटर्न में परिवर्तन चाहता है, तो यह एक तिमाही की शुरुआत से वर्ष में एक बार किया जा सकता है।

तिमाही रिटर्न, मासिक रिटर्न से अलग कैसे होते हैं?

तिमाही रिटर्न मासिक रिटर्न से आसान होगा। त्रैमासिक रिटर्न में निम्नलिखित विवरण दिए जाने की आवश्यकता नहीं होगी:

  1. अ. गुम हुए और लंबित चालान

गुम हुए चालान वे चालान हैं जो करदाता के आपूर्तिकर्ताओं ने अपलोड नहीं किया है। लंबित चालान वे चालान हैं जो आपूर्तिकर्ता द्वारा अपलोड किए गए हैं लेकिन जिनके लिए निम्नलिखित तीन स्थितियां मौजूद हैं:

  • प्राप्तकर्ता द्वारा आपूर्ति प्राप्त नहीं हुई है
  • प्राप्तकर्ता का मानना है कि चालानों में संशोधन की आवश्यकता है
  • प्राप्तकर्ता यह तय करने में सक्षम नहीं है कि उसे इस समय चालान पर इनपुट टेक्स क्रेडिट लेना है या नहीं

तिमाही रिटर्न दाखिल करने वाला व्यवसाय गुम हुए और लंबित चालान के बारे में रिपोर्ट नहीं कर सकता। जीएसटी परिषद ने तिमाही रिटर्न से इन विवरणों को यह मानते हुए हटाने का फैसला किया है कि छोटे व्यवसाय कुछ ज्ञात आपूर्तिकर्ताओं से निपटेंगे और गुम हुए और लंबित चालान की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। हालांकि, यदि किसी व्यवसाय को गुम और लंबित चालान रिपोर्ट करने की सुविधा की आवश्यकता होती है, तो वे मासिक रिटर्न दर्ज करने का विकल्प चुन सकते हैं।

  1. ब. आपूर्ति जो जीएसटी से संबन्धित नहीं है, छूट प्राप्त व्यवसाय आदि जो किसी भी प्रकार का दायित्व उत्पन्न नहीं करते।
  2. स. पूँजीगत वस्तुओं पर इनपुट टेक्स क्रेडिट

हालांकि, त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों को वार्षिक रिटर्न में गैर-जीएसटी आपूर्ति, छूट की आपूर्ति और पूंजीगत वस्तुओं पर इनपुट टेक्स क्रेडिट का विवरण भरने की आवश्यकता होगी।

त्रैमासिक रिटर्न के प्रकार क्या हैं?

त्रैमासिक रिटर्न के 3 प्रकार होंगे। करदाता उन रिटर्न को दाखिल कर सकता हैं जो उसके व्यवसाय के लिए लागू होगा। त्रैमासिक रिटर्न के प्रकार हैं:

अ. सहज

केवल भारत के आपूर्तिकर्ताओं से क्रय करने वाले और केवल उपभोक्ताओं या अपंजीकृत व्यक्तियों (बी 2 सी) को भारत में आपूर्ति करने वाले व्यवसाय सहज रिटर्न दर्ज किया जा सकता है।

ब. सुगम

केवल भारत के आपूर्तिकर्ताओं से क्रय करने वाले और पंजीकृत व्यवसाय और उपभोक्ताओं या अपंजीकृत व्यक्तियों (बी 2 सी) को आपूर्ति करने वाले व्यवसाय सुगम रिटर्न दर्ज किया जा सकता है।

स. त्रैमासिक रिटर्न

व्यक्ति जो घरेलू क्रय और आपूर्ति करने के साथ ही आयात और निर्यात करते हैं और वे त्रैमासिक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया कैसे होगी?

रिटर्न फाइलिंग की पूरी प्रक्रिया सभी करदाताओं के लिए सरलीकृत की जाएगी। आप हमारे ब्लॉग नई जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया – एक त्वरित मार्गदर्शिका में नई जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया के बारे में अधिक जान सकते हैं।

क्या तिमाही आधार पर कर का भुगतान किया जा सकता है?

नहीं, त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों को मासिक आधार पर कर चुकाना होगा। यह भुगतान घोषणा फॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान घोषणा फॉर्म में, अपलोड किए गए चालानों के आधार पर करदाता की देयता दिखाई जाएगी। इसी प्रकार, करदाता के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अपलोड किए गए चालानों के आधार पर इनपुट टेक्स क्रेडिट दिखाया जाएगा। तदनुसार, करदाता हर महीने कर का भुगतान कर सकता है। भुगतान घोषणा फॉर्म का लाभ यह है कि यह रिटर्न नहीं है और मामूली गलतियाँ होने से कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। यह फिर से सुनिश्चित करता है कि छोटे व्यवसायों को भुगतान घोषणा फॉर्म में की गई मामूली गलतियों के लिए अतिरिक्त दण्ड का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

क्या होता है यदि मासिक आधार पर कर का भुगतान नहीं किया जाता है?

एक करदाता हर महीने कर के देर से भुगतान के लिए ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

इसलिए, नए जीएसटी त्रैमासिक रिटर्न का लक्ष्य छोटे व्यवसाय के अनुपालन को सरल बनाना है। सहज और सुगम रिटर्न जैसे उपाय और नई जीएसटी रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया इस संबंध में अच्छे कदम हैं। हालांकि, व्यवसायों को पता होना चाहिए कि त्रैमासिक रिटर्न में गुम हुए और लंबित चालान की रिपोर्टिंग की सुविधा नहीं है। यदि आपके व्यवसाय को इन सुविधाओं की आवश्यकता है, तो मासिक रिटर्न का चयन करने की अनुशंसा की जाती है।

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Pramit Pratim Ghosh

Author: Pramit Pratim Ghosh

Pramit, who has been with Tally since May 2012, is an integral part of the digital content team. As a member of Tally’s GST centre of excellence, he has written blogs on GST law, impact and opinions - for customer, tax practitioner and student audiences, as well as on generic themes such as - automation, accounting, inventory, business efficiency - for business owners.