नोंध : यह ब्लॉगपोस्ट कर व्यवसायियों और कर सलाहकारों के लिए है यहां तक कि व्यापार मालिकों को भी ये पोस्ट दिलचस्प लगेगा

भारत में कई व्यावसायि बिलों को रेकोर्ड करने के लिए मेन्युअल तरीका अपनाते है। हालाकि देश डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है फिर भी मेन्युअल तरीका आज की तारीख में भी जारी है। भारत में GST की स्थापना का उदेश्य मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को डिजिटली करने का है, इस तथ्य को ध्यान मे रखते हुए क्या मेन्युअल बिलिंग का उपयोग भारत में अभी भी जारी रहेगा?

यदि आप कर सलाहकार हैं, तो आप अभी भी उन ग्राहकों से निपट सकते हैं जो व्यवसाय लेनदेन को मैन्युअल रूप से रिकॉर्ड करते हैं और भौतिक रूपों में डेटा साझा करते हैं। इसके कारण, आपको पहले जीएसटी रिटर्न तैयार करने और दाखिल करने के लिए गतिविधियों में संलग्न होने से पहले डेटा को डिजिटाइज करने का बोझिल कार्य करना होगा। इस ब्लॉगपोस्ट में, हम आपके सामने आने वाली समस्याओं पर विचार करेंगे और आपके जो ग्राहक मेन्युअल बिल का उपयोग करते है उसे GST सोफ्टवेयर के लाभ बताकर उन्हें इसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

मैन्युअल रूप से दर्ज किए गए लेनदेन को संसाधित करते

  1. सबसे पहले, आपको प्रत्येक इनवॉइस को डिजीटल करना होगा। ये कार्य बहुत ही बोझिल बन सकता है, उदाहरण के लिए कहे तो अगर मैन्युअल बिलिंग करने वाला कोई ग्राहक नियमित डीलर है, तो उसके पास ज्यादातर B2B होगी। हर B2B इन्वोइस को GST पोर्टल में दर्ज और अपलोड करने की आश्यकता है।
  2. आप यह केसे सुनिश्चित करेंगे की चलन में कर की सही मात्रा ही सुनिश्चित की जाती है? और क्या आपके ग्राहक द्वारा SGST, CGST या IGST की सही मात्रा मे गणना की जाती है?
  3. आप यह केसे सुनिश्चित करेंगे की खास करके B2B चलन के मामले में सही GSTIN दर्ज किया गया है?
  1. आप B2B चलन में से B2C चलन कैसे विभाजित करेंगे? B2B चलन को लेन देन के जरिए अपलोड करना होगा और B2C चलन GST रिटर्न दाखिल करने के लिए समेकित मूल्य के संदर्भ मे दर्ज करना होगा।
  2. एक ही अवधि के लिए GSTR-3B और GSTR-1 फाइलिंग करने की तारीख अलग अलग होगी, मैन्युअल रूप से दर्ज किए गए लेनदेन में त्रुटियों की संभावनाएं बहुत अधिक हैं।
  3. कर अधिकारियो द्वारा किसी भी भविष्य की जांच को ध्यान में रखते हुए आपको आपके सभी ग्राहकों की GST रिटर्न की फ़ाइल MS-Excel रूप में संग्रह करना मुश्किल होगा। आवश्यक होने पर किसी विशेष जानकारी को प्राप्त करना मुश्किल नहीं होगा?

केवल एक गलत एंट्री GST पोर्टल में लेनदेन को अस्वीकार कर सकती है। त्रुटियो को ठीक करने में और फिर से रिटर्न अपलोड करने में समय लगता है और ये बहोत ही मुश्किल कार्य है।

क्यों कर सलाहकारों को अपने ग्राहकों को GST सॉफ्टवेयर का उपयोग करने की सलाह देनी चाहिए

  1. GST सोफ्टवेयर में Tally.ERP 9 आपके ग्राहक को सही GSTIN रेकोर्ड करने में मदद करेगा और रेकोर्ड बड़े ही व्यवस्थित तरीके से संग्रह कर सकते है। Tally.ERP 9 जब भी गलत GSTIN दर्ज किया जाता है तब हमे चेतावनी देता है।
  2. Tally.ERP 9 यह सुनिश्चित करता है की आप चलन में कर का सही प्रकार (CGST, SGST, IGST, Cess) लागु करे।
    1. Tally.ERP 9 का उपयोग करके, आपका ग्राहक सही लेनदेन प्रविष्टियों के साथ डेटा साझा करने और आपका बोझ को कम करने में सक्षम होंगे। Tally.ERP 9 गलत लेनदेन को GST  फॉर्म में भाग लेनी की अनुमति नहीं डेटा है। ग्राहक ” बेमेल / अपूर्ण जानकारी ” के शीर्षक तहत इस तरह के सभी गलत लेनदेन देखने में सक्षम होगा और फाइलिंग उदेश्य के लिए आपको डेटा भेजने से पहेले उन्हें ठीक कर लेगा
    2. यदि आपका ग्राहक Tally.ERP 9  का उपयोग करता है तो आप GSTR-3B और GSTR-1 दर्ज करते समय आप डेटा के सही स्त्रोत का उल्लेख भी कर सकते है। इसके आलावा आप किसी भी कर सबंधी पूछताछ के इस जानकारी को बनाए रख सकते है, ये पुस्तको को अपडेट रखने में भी उपयोगी है।
    3. जब ग्राहक आपके साथ Tally डेटा साजा कर रहा हे तब रिटर्न दाखिल करने से पहेले ग्राहक के डेटा की जांच करना सुविधाजनक हो जाता है।

यह डिजिटल युग को अपनाने का समय है! हम अनुसंशा करते है की आपके जो ग्राहक मेन्युअल रूप में बिलिंग करते है उन्हें सोफ्टवेयर का चयन करने के लिए शिक्षित और निर्देशित करे, आपके ग्राहक का Tally.ERP 9 का उपयोग आप दोनों के लिए सुविधाजनक होगा। सही तरीके से दर्ज किए गए GST रिटर्न का अर्थ सही क्रेडिट है और वही आपके ग्राहकों को ओर खुश बना सकता है।

नवीनतम अपडेट के लिए हमारे ब्लॉग पोस्ट को पढ़ते रहें और अपने विचार साझा करें।

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Author: Abbas MIS