यह गाइड GST कर सलाहकारों (GST कर अभ्यासकर्ताओं) के लिए लिखा गया है। यदि आप एक व्यवसाय के मालिक हैं, तो आपको अब भी इसे पढ़ने के लिए दिलचस्प लग सकता है और आप इसे अपने कर सलाहकार को अग्रेषित कर सकते हैं।

शामिल विषय

  1. परिचय
  2. चालान स्तर पर आवश्यक विवरण
  3. ग्राहकों के प्रकार
  4. आपको डिजिटल GST चालान देने वाले ग्राहकों के साथ कौन-सी चुनौतियां हैं?
  5. आपको हस्तलिखित GST चालान देने वाले ग्राहकों के साथ कौन-सी चुनौतियां हैं?
  6. निष्कर्ष

परिचय

देश अब GST व्यवस्था में में पहुँच गया है। कर सलाहकार के रूप में, बहुत सारे कानून और लेख पढ़ने के लिए मौजूद हैं, और इसमें भाग लेने के लिए कई चर्चाएं और कई विचार आपके दिमाग में आ सकते हैं। GST निसंदेह भारत में व्यापार करने के ढंग को बदल देगा। यह एक कर सलाहकार के जीवन पर कैसे प्रभाव डालता है?

चालान स्तर पर आवश्यक जानकारी

आईये GST रिटर्न्स को प्रदान करने के लिए चालान स्तर पर आवश्यक जानकारी समझें:

  1. कर योग्य मूल्य के अलग-अलग कर-दर-वार खंड.
  2. प्रत्येक कर की दर के लिए लगाया गया राज्य कर, केंद्रीय कर और एकीकृत कर,
  3. प्राप्तकर्ताओं की सही GSTIN संख्या, आपूर्ति के स्थान, स्वीकृत प्रारूप में चालान संख्या, तिथि, चालान मूल्य आदि,
  4. रिटर्न दाखिल करने के लिए HSN-वार सारांश (1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले कारोबार से सामान-विवरण-वार सारांश देने की अपेक्षा है),
  5. चालान के विभाजन के आधार पर
    • रिवर्स चार्ज के आधार पर टैक्स को आकर्षित करने वाली आपूर्ति,
    • ई-कॉमर्स ऑपरेटर के GSTIN के साथ ई-कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से की गई आपूर्ति।

कई अन्य इचालान नियम भी हैं जो उपर्युक्त से अलग किए जाने की आवश्यकता है;

  1. कोई भी B2C चालान जहां चालान का मूल्य 2.5 लाख रूपए से अधिक है, चालान स्तर के विवरण के साथ एक अलग तालिका में दर्ज करना होगा।
  2. क्रेडिट / डेबिट नोट, निर्यात, छूट वाली आपूर्ति, अग्रिमों पर कर देयता, अग्रिम समायोजन, आदि लिए अलग तालिका।

ग्राहकों के प्रकार

नई GST व्यवस्था में ऊपर की जटिलताओं के साथ, आप अपने ग्राहकों को कितनी अच्छी तरह से संभालने के लिए तैयार हैं? इन्हें समझने के लिए हम GST युग में मौजूद ग्राहकों के प्रकारों पर चर्चा करेंगे:

  1. जिन ग्राहकों ने अपने GST बिलों को डिजीटल किया है और आपको रिटर्न फाइलिंग के लिए अलग-अलग फ़ाइल स्वरूपों में डेटा प्रदान करते हैं।
  2. जो ग्राहक हस्तलिखित रूप से GST बिल को बनाए रखे हुए हैं, और रिटर्न फाइल करने से पहले अपने चालान को डिजीटल करने के लिए आप पर भरोसा करते हैं।

आपको डिजिटल GST चालान देने वाले ग्राहकों के साथ कौन-सी चुनौतियां हैं?

  1. क्या चालान में सही HSN कोड और कर दर हैं?
  2. क्या चालान में अन्य आवश्यक जानकारी, जैसे प्राप्तकर्ताओं की GSTIN संख्या, आपूर्ति की जगह आदि हैं और क्या वे ठीक से दर्ज हैं?
  3. क्या आपके पास यह पता करने का एक आसान तरीका है कि डेटा में क्या गुम है या डेटा में क्या त्रुटियां हैं, ताकि आप रिटर्न फाइल करने से पहले उन्हें ठीक कर सकें?
  4. क्या डेटा प्रारूप आप को बिना किसी और प्रयासों के तुरंत रिटर्न फाइल करने देता हैं?

आपको हस्तलिखित GST चालान देने वाले ग्राहकों के साथ कौन-सी चुनौतियां हैं?

  1. क्या वे वास्तव में हस्तलिखित पुस्तकों या आप के द्वारा दिए गए किसी भी एक्सेल टेम्प्लेट पर अपने सभी GST चालानों को सही ढंग से रिकॉर्ड कर सकते हैं?
  2. अगर वे GST नामक एकल कर घटक का उपयोग करते हैं, और अपनी बिक्री रिकॉर्ड करते हैं, तो उन्हें बाद में एक एकीकृत, राज्य और केंद्रीय करों में कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है?
  3. आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि लगाए गए HSN कोड, दर और कर राशि वास्तव में उनके लिए सही हैं?
  4. अतिरिक्त समय का क्या जो आप यह सुनिश्चित करने के लिए खर्च कर देंगे कि हर चालान त्रुटि-मुक्त, डिजीटल और अनुरूप है? ऐसे कितने ग्राहकों कि आप सेवा कर सकते हैं?

निष्कर्ष

इन चुनौतियों को देखते हुए, निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु अपने पेशे में आपकी मदद करेंगे:

  1. चालान डिजिटलीकरण समय की आवश्यकता है। आरंभ करें, अपने ग्राहकों से GST-अनुपालन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके अपने चालान को डिजिटाइज़ करने के लिए कहें।
  2. आपके ग्राहक के GST सॉफ्टवेयर को प्रत्येक चालान की सटीकता की जांच करनी चाहिए और त्रुटियों के मामले में उन्हें सही करने का मौका देना चाहिये। इससे आपको पोर्टल से अस्वीकृति दर कम करने में मदद मिलेगी।
  3. आपके ग्राहक के जीएसटी सॉफ्टवेयर को आपको रिटर्न दाखिल होने से पहले डेटा देखने और स्वीकृति देने का मौका देना चाहिए।
  4. आपके ग्राहक के जीएसटी सॉफ्टवेयर को सभी तालिका-वार सूचना के साथ रिटर्न डेटा बनाने में सक्षम होना चाहिए, जैसा कि फॉर्म द्वारा निर्धारित किया गया है।
  5. न सिर्फ डेटा सटीकता, GSTN के अनुसार सटीक रिटर्न स्वरूप में रिटर्न डेटा भी आपके ग्राहक के जीएसटी सॉफ्टवेयर में लिया जाता है। आसानी से अपने ग्राहक के डेटा को सटीक रिटर्न प्रारूप में बदलें और एक बटन के क्लिक पर रिटर्न फाइल करें।

कर सलाहकार के लिए इस GST गाइड की सहायता से, हम आशा करते हैं कि आप समझें कि कर सलाहकारों का जीवन GST व्यवस्था में कैसा है, और महत्वपूर्ण बिंदु जो आपकी मदद करेंगे। हम आपकी टिप्पणियां और विचार जानने के लिए तत्पर हैं।

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Rishabh Agrawal

Author: Rishabh Agrawal

Working as a Product Manager in Tally Solutions, with 8+ years of experience. Played various customer facing roles during his tenure. Responsible for product marketing & communication during key GST releases of Tally.ERP 9.