दिसंबर 2017 के बाद से, जब जीएसटी के तहत ई-वे बिल योजना में वापस आया, तो व्यवसाय और ट्रांसपोर्टर एक बाधारहित ई-वे बिल कार्यान्वयन के लिए सक्रिय रूप से खुद को लैस कर रहे हैं। जनवरी में शुरू होने वाले परीक्षण और फरवरी में एक पूर्ण रोल-आउट का प्रयास किया गया था, दुर्भाग्यवश पोर्टल में तकनीकी गलतियों के कारण उसे स्थगित कर दिया गया। हालांकि, 26 वीं जीएसटी परिषद की बैठक में, ई-वेन कार्यान्वयन की एक नई तारीख 1 अप्रैल, 2018 के रूप में और एक राष्ट्रव्यापी रोल-आउट पूरा करने की लक्ष्य तिथि के रूप में 1 जून, 2018 निर्धारित की गई है। जबकि व्यवसायों को ई-वे बिल नियमों के बारे में बहुत विस्तार से अवगत होना चाहिए, उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि ई-वे बिल की आवश्यकता कब नहीं है, जो समय और प्रयास को बचाने के लिए जरूरी है। इस ब्लॉग में, हम उन सभी मामलों को समझेंगे, जहां माल के परिवहन और माल के मूल्य के बावजूद ई-वे बिल बनाने आवश्यकता नहीं है, साथ ही सभी वस्तुओं की सूचि जिनके लिए ई-वे बिल अनिवार्य नहीं है।

ई-वे बिल कब आवश्यक नहीं है

यदि आप जानना चाहते हैं कि कहाँ ई-वे बिल अनिवार्य नहीं है, वे परिदृष्य निम्नलिखित है:

  • जहाँ एक गैर मोटर चालित वाहन द्वारा माल परिवहन किया जा रहा है
  • जहाँ माल का परिवहन बंदरगाह, हवाई अड्डे, एयर कार्गो परिसर और भूमि सीमा शुल्क स्टेशन से एक अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) या एक कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) को सीमा शुल्क की मंजूरी के लिए ले जाया जा रहा है
  • जहाँ माल का परिवहन एक बंदरगाह, हवाई अड्डे, वायु कार्गो परिसर और भूमि सीमा शुल्क स्टेशन से एक अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) या कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) से सीमा शुल्क बांड के तहत जाया जा रहा है
  • जहां सीमा शुल्क पर्यवेक्षण या सीमा शुल्क मुहर के तहत माल परिवहन किया जा रहा है
  • जहां सामान एक सीमा शुल्क स्टेशन या बंदरगाह से दूसरे सीमा शुल्क स्टेशन या बंदरगाह तक पहुंचाया जा रहा है
  • जहां वस्तुओं को नेपाल या भूटान से पारगमन कार्गो के रूप में ले जाया जा रहा है
  • जहां कारोबार के स्थान से 20 किलोमीटर की दूरी तक माल का वजन करने के लिए वजन के काँटे तक और वजन करने के बाद वजन के काँटे से कारोबार के स्थान तक माल की ढुलाई की जा रही है। हालांकि, इस मामले में, माल के परिवहन के साथ एक वितरण चालान होना चाहिए।
  • जहां रेल द्वारा माल परिवहन किया जा रहा है और माल के भेजने वाले केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण हैं
  • जहां खाली कार्गो कंटेनर परिवहन किए जा रहे हैं
  • जहां माल भेजने वाला या माल प्राप्तकर्ता के रूप में रक्षा मंत्रालय रक्षा गठन के कारण माल की आवाजाही हो रही है
  • ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं है, जहां निम्नलिखित सामानों को पहुंचाया जाता है, इन्हें ई-वे बिल से छूट दी जाती है :
    • मानव उपभोग के लिए शराब एल्कोहल
    • पेट्रोलियम क्रूड
    • हाई स्पीड डीजल
    • मोटर स्प्रिट (सामान्यतः इसे पेट्रोल के रूप में जाना जाता है)
    • प्राकृतिक गैस
    • एविएशन टर्बाईन फ्यूल
    • घरों और गैर घरेलू छूट श्रेणी के उपभाक्ताओं को आपूर्ति के लिए गैर तरल पेट्रोलिए गैस
    • केरोसिन तेल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बेचने के लिए
    • डाक विभाग द्वारा डाक के बैग का परिवहन
    • प्राकृतिक या कृत्रिम मोती और कीमती या अर्द्ध कीमती पत्थरों
    • बहुमूल्य धातुओं और कीमती धातु चढ़ी हुई धातु
    • आभूषण, सुनार ‘और चांदी के सामान के सामान और अन्य वस्तुएँ
    • मुद्रा
    • प्रयुक्त व्यक्तिगत और घरेलू सामान
    • कोरल, गैर-संशोधित और संशोधित कोरल
    • खली को छोड़ कर अन्य सामान जिसे केन्द्रीय कर की अधिसूचना क्रमाँक 7/2017 और अधिसूचना क्रमाँक 26/2017 के आधार पर कर से छूट प्राप्त है, जिनमें समय-समय पर परिवर्तन किया जाता है
    • वह सामान जिसे सीजीएसटी अधिनियम के शेड्यूल III के द्वारा कोई आपूर्ती नहीं के रूप में माना जाता है उनमें ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं है
    • संबंधित राज्य / संघ शासित प्रदेश केजीएसटी नियमों में नियम 138 (14) के तहत ई-वे बिल से मुक्त सामान – यानी ई-वे बिल से मुक्त 153 वस्तुओं की सूची, जिसमें घरेलू और दैनिक उपयोग के लिए अधिकांश आइटम शामिल हैं

इस प्रकार व्यवसाय और ट्रांसपोर्टरों को इस ई-वे बिल छूट सूची को ध्यान में रखने की आवश्यकता होगी, ताकि वे इसे बनाने के बारे में जागरूक हों, और माल के आवागमन के लिए ई-वे बिल न बनाएँ।

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Pramit Pratim Ghosh

Author: Pramit Pratim Ghosh

Pramit, who has been with Tally since May 2012, is an integral part of the digital content team. As a member of Tally’s GST centre of excellence, he has written blogs on GST law, impact and opinions - for customer, tax practitioner and student audiences, as well as on generic themes such as - automation, accounting, inventory, business efficiency - for business owners.